BJP में भीतरघात? विधानसभा में अपनों के सवालों में घिरी मोहन यादव सरकार, विधायकों ने ही खोली पोल

BJP में भीतरघात? विधानसभा में अपनों के सवालों में घिरी मोहन यादव सरकार, विधायकों ने ही खोली पोल


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MP Politics: मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र में भाजपा विधायकों ने ही अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. भ्रष्टाचार, अतिक्रमण, कानून व्यवस्था और हितग्राहियों को लाभ न मिलने जैसे मुद्दों को लेकर विधायकों ने सरकार…और पढ़ें

BJP में भीतरघात? विधानसभा में अपनों के सवालों में घिरी मोहन यादव सरकारभाजपा विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेरा
MP Politics: मध्यप्रदेश विधानसभा के सत्र में इस बार सरकार को सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के विधायकों के तीखे सवालों और मुद्दों का सामना करना पड़ा. एक दर्जन से अधिक भाजपा विधायकों ने सदन में अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जिससे सत्तापक्ष की मुश्किलें बढ़ गईं. इन विधायकों ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था की स्थिति, हितग्राहियों तक लाभ न पहुंचना और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया.

इस स्थिति ने विपक्ष को भी सरकार को घेरने का अवसर दे दिया. कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने कहा कि जब भाजपा के अपने विधायक ही सरकार से संतुष्ट नहीं हैं, तो यह स्पष्ट है कि सरकार जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है.

वहीं, भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके विधायक जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे. उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह सकारात्मक राजनीति करे और जनहित के मुद्दों पर सहयोगी भूमिका निभाए.

सदन में जिन भाजपा विधायकों ने सवाल उठाए, उनमें वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव ने आदिवासियों को दिए गए पट्टों पर कब्जे का मुद्दा उठाया. उमाकांत शर्मा ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण और उन्हें न हटाए जाने पर चिंता जताई. गायत्री राजे पवार ने उज्जैन की शिप्रा नदी में फैक्ट्रियों का दूषित पानी मिलने का मामला उठाया.

संजय पाठक ने खाद वितरण में अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया, जबकि आशीष शर्मा ने लव जेहाद से जुड़े मामलों की बढ़ती घटनाओं पर सवाल खड़े किए. रमेश खटीक ने बिजली बिलों में ब्याज माफी न होने से परेशान जनता की बात रखी. नीना वर्मा ने शांति समितियों के गठन में हो रही देरी की ओर इशारा किया. भूपेंद्र सिंह ने गिरते भूजल स्तर को लेकर सरकार से ठोस नीति की मांग की.

इस घटनाक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि सत्ता पक्ष के भीतर भी असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं और भाजपा विधायकों का यह रुख आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को प्रभावित कर सकता है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

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