सिंहस्थ-2028 के लिए सीएम की समीक्षा में खुलासा: कान्ह डायवर्शन सहित 5 बड़े प्रोजेक्ट, कुछ 98% तो कुछ 64% तक अधूरे – Indore News

सिंहस्थ-2028 के लिए सीएम की समीक्षा में खुलासा:  कान्ह डायवर्शन सहित 5 बड़े प्रोजेक्ट, कुछ 98% तो कुछ 64% तक अधूरे – Indore News


सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियों में जुटी सरकार के कामों की गति फिलहाल धीमी है। जल संसाधन विभाग को पांच बड़े प्रोजेक्ट पूरे करना हैं। इनमें कुछ 98 तो कुछ काम 64 फीसदी अधूरे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक दिन पहले ही इसकी समीक्षा की और काम की गति बढ़

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सरकार की सबसे बड़ी चुनौती सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल से स्नान करवाना है। पूरी कवायद इसी के लिए की जा रही है। इसमें कान्ह नदी पर इंदौर और उज्जैन जिले में बैराज बनाए जा रहे हैं तो देवास जिले में शिप्रा नदी पर भी बैराज बनाए जा रहे हैं। इंदौर में यह काम 70% प्रतिशत हो गया है वहीं उज्जैन में 10% तो देवास में 1 प्रतिशत ही हुआ है।

बैराज… कम ऊंचे बांध, जो बहाव नियंत्रित कर सके नदी पर बनने वाला बैराज एक प्रकार का अवरोध या कम ऊंचाई वाला बांध होता है, जिसमें गेट लगे होते हैं, जो नदी के पानी के बहाव को नियंत्रित करता है। मुख्य उद्देश्य पानी को रोकना, उसका स्तर बढ़ाना और फिर उसे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति या बिजली उत्पादन जैसे विभिन्न उपयोगों के लिए दूसरी नहरों में मोड़ना होता है।

शिप्रा किनारे घाट निर्माण से लेकर नदियों पर बैराज निर्माण जैसे काम

प्रोजेक्ट-2 : शिप्रा शुद्धिकरण में कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट {काम हुआ : 36% {काम बचा : 64% उज्जैन जिले में कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है, ताकि कान्ह का पानी शिप्रा में न मिले। 919 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में 36% काम हुआ है। मार्च 24 में वर्क ऑर्डर हुआ था। काम 14 सितंबर 2027 में पूरा करने का दावा है।

प्रोजेक्ट-3 : शिप्रा को प्रवाहमान बनाना {काम हुआ : 36% {काम बचा : 64% सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी प्रोजेक्ट पर उज्जैन में 614.53 करोड़ खर्च होना हैं। शिप्रा का पानी प्रवाहमान बनाने के लिए यह काम होगा। मई 2027 डेडलाइन है। प्रोजेक्ट-4 : घाट निर्माण व अन्य काम {काम हुआ : 02% {काम बचा : 98% शिप्रा किनारे 29.515 किमी लंबे 23 घाट का निर्माण करना। सिंहस्थ मद से इस पर 778.91 करोड़ खर्च होंगे। नवंबर 2027 में काम पूरा करने का दावा। प्रोजेक्ट-5 : शिप्रा नदी पर बैराज निर्माण {काम हुआ : 42% (उज्जैन में) {काम बचा : 58% (उज्जैन में) {काम हुआ : 01% (देवास में) {काम बचा : 99% (देवास में) उज्जैन जिले में शिप्रा के हिस्से में 8.75 करोड़ से बैराज बनना है। नवंबर 2027 डेडलाइन है। देवास जिले में शिप्रा के हिस्से पर 7 बैराज बनना हैं। 26.86 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में अभी 1% ही काम हुआ है।



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