क्रिकेट का सबसे रोमांचक फॉर्मेट टी20 क्रिकेट में गेंद और बल्ले से प्रदर्शन करना खिलाड़ी मैच का नतीजा सेकेंडों में बदल देते हैं. लिमिटेड ओवरों के इस फॉर्मेट ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ एक ऐसा खिताब है, जिसे हर क्रिकेटर हासिल करना चाहता है और उसके लिए पूरी सीरीज के दौरान जी तोड़ प्रदर्शन करते हैं. टी20 इंटरनेशनल में ये अवार्ड जीतना कोई आसान काम नहीं है. ऐसे में आज हम बात करने वाले हैं उन खिलाड़ियों के बारे में, जिन्होंने इस अवार्ड को सबसे ज्यादा बार जीता है.
विराट कोहली
भारत के दिग्गज स्टार खिलाड़ी ‘रन मशीन’ कहे जाने वाले विराट कोहली इस मामले में भी नंबर 1 पर हैं. साल 2010 में टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले विराट ने अपने करियर में खेले 125 मैचों में खेली 46 सीरीज में सबसे ज्यादा 7 बार ये कारनामा किया है. कोहली क्रिकेट जगत के ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड्स के मामले में हमेशा से अपना जलवा बरकरार रखा है.
सूर्यकुमार यादव
लिस्ट में भारत टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव दूसरे नंबर पर हैं. सूर्या ने भले अपने टी 20 इंटरनेशनल करियर की शुरुआत साल 2021 में की हो, लेकिन वे इस फॉर्मेट के विध्वंसक खिलाड़ी हैं. उन्होंने अपने करियर में खेले मात्र 83 मैचों में खेली 23 सीरीज में 5 बार ये ऐतिहासिक कारनामा किया है. सूर्या विराट के रिकॉर्ड से बस थोड़ा ही पीछे हैं वो जल्दि विराट का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं.
वानिंदु हसरंगा
हसरंगा भी इस लिस्ट में शामिल हैं और वो तीसरे स्थान पर हैं. उन्होंने अपने टी20 करियर में खेले 79 मैचों की 24 सीरीज में ये कारनामा 5 बार किया है. वो इस मामले में सूर्या के साथ बने हुए हैं. हसरंगा अपने शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं.
बाबर आजम
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वा विस्फोटक बल्लेबाज बाबर आजम इस लिस्ट में चौथे पायदान पर हैं. उन्होंने साल 2014 से खेले अभी तक 128 मैचों की 37 सीरीज में 5 बार ये कारनामा किया है. बाबर पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के खतरनाक खिलाड़ी रहे हैं.
डेविड वॉर्नर
लिस्ट में पांचवें और आखिरी पायदान पर कंगारू खिलाड़ी विस्फोटक सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर का नाम आता है. उन्होंने अपने करियर में खेले 110 मैचों में 42 सीरीज में 5 बार ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खीताब जीता है. वॉर्नर अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से गेंदबाजों की लाइन और लेंथ पर प्रहार कर विरोधी टीम का बुरा हाल कर देते थे. उनके करियर की शुरुआत साल 2009 में हुई थी और साल 2024 में उन्होंने टी20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.