निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर जनपद पंचायत के ग्राम पाराखेरा स्थित खिरक गांव में विकास सिर्फ कागजों तक सीमित है। लगभग 800 की आबादी वाले इस गांव का मुख्य मार्ग से जुड़ा 2 किमी का रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल चुका है।
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बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। स्कूली बच्चों और आम लोगों को रोजाना 2 से 3 फीट गहरे कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में एम्बुलेंस तो दूर, बाइक और साइकिल का निकलना भी मुश्किल है।
कीचड़ से भरे रास्ते से निकलते ग्रामीण और बच्चे।
अधिकारियों ने बिना गांव देखे दिया अवॉर्ड
ग्रामीण संजीव कुशवाहा ने बताया है कि बारिश में पूरा रास्ता दलदल बन जाता है। बच्चों को स्कूल जाने और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानी होती है। प्रहलाद प्रजापति ने बताया कि गांव को कागजों में उत्कृष्ट बताया गया है। मुकुंदी लाल कुशवाहा का कहना है कि अधिकारियों ने बिना गांव की वास्तविक स्थिति देखे ही अवॉर्ड दे दिया।
CEO बोले- मैं तुरंत मौके पर जाता हूं
जनपद पंचायत के सीईओ विनोद जैन बताया कि आपने समस्या के बारे में बताया है। मैं तत्काल मौके पर जाता हूं और यातायात बहाल करवाता हूं। जो भी समस्या होगी, उसका जल्द निदान कि-या जाएगा