सागरताल के सामने अस्थायी तालाब में गणेश प्रतिमा का विसर्जन
ग्वालियर में शनिवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर शहर के 500 स्थानों से बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सागरताल के सामने अस्थायी तालाब में किया गया है। दिन भर शहर की सड़कों पर बैंड-बाजों के साथ श्रीजी की झाकियां निकली। हर तरफ एक ही शोर सुनाई दे रहा था ‘गण
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अनंत चौदस पर शनिवार को गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही 11 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन हो गया। गणपति के जयकारे लगाने के साथ-साथ अबीर गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालुओं ने पूरे शहर का माहौल भक्ति के रंग में रंग दिया। सागरताल पर अस्थायी तालाब बनाकर प्रशासन ने शहर की बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन कराया।
गणेश विसर्जन के लिए सागरताल के सामने अस्थायी तालाब पर लगी भीड़।
शनिवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर महिलाओं ने भगवान अनंत का उपवास कर सुहाग और पुत्र की दीर्घायु की कामना कर उनकी कथा सुनी। इसके बाद युवकों ने भुजा पर और युवतियों ने कलाई में अनंत बाधा। इसके साथ ही गणेश प्रतिमाओं का पूजन कर विसर्जन शुरू हो गया।
इस समय बारिश के चलते सभी नदियां, तालाब उफान पर हैं। कहीं कोई हादसा न हो, इसलिए डैम के आसपास और नदियों के पास पुलिस बल तैनात रहा है। जिला प्रशासन ने नगर निगम के सहयोग से ग्वालियर के बहोड़ापुर सागरताल के सामने अस्थायी तालाब बनाया था। जहां शहर की 90 प्रतिशत गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया है।
500 से ज्यादा गणेश पंडाल से पहुंची प्रतिमाएं वैसे तो गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन फूल डोल ग्यारस से शुरू हो जाता है, लेकिन अनंत चतुर्दशी पर शहर की 90 प्रतिशत प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। ग्वालियर में 500 से ज्यादा गणेश पंडाल लगाए गए थे। इनमें से 50 पंडाल ऐसे थे। जहां गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई 10 से 20 फीट के बीच रही थी। 7 से 9 फीट वाली प्रतिमाओं की संख्या लगभग 150 थी। इसके अलावा पांच फीट की प्रतिमाएं सबसे जयादा थीं।