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Ajab Gajab News: छतरपुर में ऐसी घटना घटी, जो वाकई में हैरान करने वाली है. यहां एक खेत में अचानक कुआं प्रगट हो गया. उकसी पूजा शुरू हो गई. हालांकि, अभी इस बात की…
स्थानीय ग्रामीण इस कुएं को भगवान का चमत्कार मान रहे हैं. उनका कहना है कि जैसे चित्रकूट में भरतकूप है, वैसे ही यह कुआं भी किसी दैवीय शक्ति से प्रकट हुआ है. ग्रामीण कुएं के पानी को गंगाजल मानकर पूजा कर रहे हैं और बोतलों में भरकर घर ले जा रहे हैं. कई लोग इस पानी को रोग-निवारण मानते हुए पी भी रहे हैं. कुएं की पूजा शुरू हो गई है, लोग कुएं को देवता मान रहे हैं.
कुएं की ईंटें काफी पुरानी बताई जा रही हैं, जिनके बारे में स्थानीय लोगों का दावा है कि यह करीब 200 से 300 साल पुरानी हो सकती हैं. इसी वजह से लोग इसे ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का कुआं मान रहे हैं. गांव में यह खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग कुएं को देखने पहुंच रहे हैं. हालांकि, अभी तक इस कुएं की वैज्ञानिक जांच नहीं हुई है, न ही पुरातत्व विभाग ने इसकी पुष्टि की है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों की जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके.
गांव में धार्मिक माहौल
इस घटना ने गांव में धार्मिक माहौल बना दिया है. लोग यहां पूजा-अर्चना कर रहे हैं और इसे ईश्वरीय शक्ति का प्रतीक मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी यह खबर वायरल हो रही है, जहां लोग इसे ‘चमत्कारी कुआं’ कहकर शेयर कर रहे हैं. छतरपुर के कदारी गांव का यह कुआं अब श्रद्धा और जिज्ञासा का केंद्र बन गया है. जहां एक ओर ग्रामीण इसे आस्था से जोड़कर पूज रहे हैं, वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसकी जांच की मांग भी उठ रही है.