Viral Video: उज्जैन में अंतिम सफर भी नहीं आसान! बदहाल सड़क की मार झेल रहे ग्रामीण, कई साल से परेशान

Viral Video: उज्जैन में अंतिम सफर भी नहीं आसान! बदहाल सड़क की मार झेल रहे ग्रामीण, कई साल से परेशान


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Ujjain News: उज्जैन जिले के झारडा तहसील के ग्राम असाड़ी गांव में सड़क न होने से ग्रामीणों को बारिश के मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. असाड़ी में एक युवक की मौत हो जाने के बाद लोगों को उसे शमशान तक…और पढ़ें

Ujjain news: आसमान से लगातार बरस रही आफत ने आवाम का हाल बेहाल कर रखा है, राज्य के लगभग सभी हिस्सों में जोरदार बारिश से बर्बादी का आलम साफ नजर आ रहा है. गांव से लेकर शहर तक चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है, नदियां-नाले सब लबालब हैं. महाकाल की नगरी में मोक्ष धाम तक जाने का रास्ता भी मयस्सर नहीं है, जिसके चलते झारडा तहसील के ग्राम असाड़ी के ग्रामीणों को मोक्ष धाम तक पहुंचने के लिए घुटनों तक कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है.

दरअसल, पूरा मामला उज्जैन शहर के झारडा तहसील के ग्राम असाड़ी का है. यहां सड़क ना होने के कारण ग्रमीणों को बरसात में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वो इस तरह परेशान हो चुके हैं कि अब उनका विरोध भी सामने आने लग गया है, क्योंकि पूरा रास्ता कुछ ऐसा हो गया है कि जैसे रोड नहीं दलदल हो. जैसे तैसे अंतिम क्रिया को करने के लिए ग्रामीण जन एक दूसरे का सहयोग करते हुए शमशान तक जाते हैं. गांव में चतुर लाल पिता हीरालाल प्रजापत का स्वर्गवास 29 अगस्त को हुआ था, जिनका शव अंतिम क्रिया हेतु शमशान तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. इसका वीडियो भी अब तेजी से वायरल हो रहा है.

पैरों मे लग रही है चोट
रास्ता खराब होने के साथ-साथ रास्ते में एक बड़ा नाला भी आता है. जिससे कई बार नाले का पानी बाहर आ जाता है और बहुत बार कई लोग भी गिर जाते है. जिसके चलते अंतिम संस्कार में शामिल होने आए कई ग्रामीणों के पैरों में चोटे आ जाती है. समस्या इतनी है कि बरसात के समय मे किसी की भी गांव में मृत्यु हो जाती है तो मन में यही सवाल आता है कि ऐसे रास्ते से गुजरना पड़ेगा.

कंधों पर उठाकर ले जा रहे लकड़ी
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से शीघ्र ही जनहित में मार्ग के सुधार करवाने की मांग की है. बरसात में ऐसी दिक्कत सामने आती है. नाला और रोड बन जाए तो यह स्थिति से बाहर निकला जा सकता है. हमें शव यात्रा में लकड़ी कंधों पर उठाकर करीब 1 किलोमीटर से भी अधिक चलना होता है. क्योंकि वहां तक हम नहीं जा पाते गाड़ी की तो बात ही दूर.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

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उज्जैन में अंतिम सफर भी नहीं आसान! बदहाल सड़क की मार झेल रहे ग्रामीण



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