Last Updated:
Pitru Paksha: श्राद्ध पक्ष में पितरों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं. और इन सब में जरूरी होता है, श्राद्ध पक्ष में पितरों को भोजन अर्पित करने के लिए कौवे को भोग लगाना,…और पढ़ें
क्यों कौआ को माना जाता है पितृको का प्रतीक?
मान्यताओं के अनुसार कौवा यम के प्रतीक के रूप में जाना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान कौवे का होना पितरों के आस पास होने का संकेत माना जाता है. कहते हैं श्राद्ध के दौरान इसको ग्रास न दें, तो पूर्वज भूखे लौट जाते हैं. इसलिए सभी लोग पितृ पक्ष मे कौआ को भोजन कराने के लिए ढूंढते हैं.
शास्त्रों में वर्णित है कि कौआ एक मात्र ऐसा पक्षी है, जो पितृ-दूत कहलाता है, लेकिन शहरों में कौवे विलुप्त होते जा रहे हैं. ऐसे में अगर आप श्राद्ध का भोजन कौवों को नहीं करा पा रहे हैं तो, कौवे के नाम का भोग गाय या कुत्ते को खिला सकते हैं, क्योंकि पितरों का भोजन गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और देवताओं को खिलाया जाता है, इसे पंचबलि भोग कहते हैं.
पंचबलि का महत्व और सही तरीका
श्राद्ध में पंचबलि भोग का बहुत बड़ा महत्व है. क्योंकि पितरों का भोजन गाय, कुत्ते, कौवे, चींटी और देवताओं को खिलाया जाता है. इसे पंचबलि भोग कहते हैं. यह केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है. ऐसी मान्यता है कि इन पांचों को भोजन कराने से पितरों को भोजन प्राप्त होता है और वे तृप्त होते हैं. लेकिन इन सभी में कौवे का स्थान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a… और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.