मुरैना नगर निगम क्षेत्र की राठौर कॉलोनी में शुक्रवार को बिजली कंपनी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलोनीवासियों ने कंपनी की कथित मनमानी के विरोध में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
.
आरोप है कि बिजली कंपनी ने गुरुवार शाम से इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, जिससे पूरे मोहल्ले में हाहाकार मच गया। बिजली कटौती के चलते कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और चार बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कर्मचारियों को कॉलोनी में घुसने से रोका
गुस्साए लोगों ने शुक्रवार सुबह बिजली कंपनी की टीम को कॉलोनी में घुसने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विभाग पहले बिजली सप्लाई बहाल करे, फिर कार्रवाई करे। लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने केवल कनेक्शन काटने की बात कही, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
बिजली बंद होने से गर्मी में लोग बेहाल
गर्मी और उमस के कारण कॉलोनी में हालात और बिगड़ गए। बिजली ना होने के कारण न तो पंखे चल सके और न ही पीने के लिए पानी मिल पाया। गर्मी से परेशान होकर चार बच्चों की हालत बिगड़ गई, जिन्हें देर रात अस्पताल ले जाना पड़ा।
भारी भरकम बिजली बिल से भी लोग नाराज
स्थानीय निवासी सूरज राठौर ने बताया कि कॉलोनी के अधिकतर लोग नियमित बिल जमा कर रहे हैं, फिर भी जिनके मीटर बंद हैं, उनके यहां भी 8 से 10 हजार रुपए तक के बिल थमा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूरी करने वाले लोग, जो दिन में 300 रुपए भी मुश्किल से कमाते हैं, वे 10 हजार रुपए का बिल कैसे चुकाएंगे।
विभागीय अधिकारी ने टाल दिया जवाब
मामले में बिजली विभाग का पक्ष जानने के लिए डीजीएम यशपाल सचदेवा से संपर्क किया गया। उन्होंने कॉल रिसीव किया, लेकिन राठौर कॉलोनी से जुड़ा सवाल पूछने पर कहा कि वे मीटिंग में हैं, और फिर फोन काट दिया।
लोगों की मांग- सप्लाई चालू हो, बिलों की जांच की जाए
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्हें नियमित बिजली सप्लाई दी जाए और जिन उपभोक्ताओं ने बिल जमा कर दिए हैं, उन्हें परेशान न किया जाए। साथ ही गलत बिलों की जांच कर कार्रवाई की जाए।