रीवा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कृषि विभाग में पदस्थ कृषि एक्सपर्ट और सहायक प्राध्यापक अतेंद्र कुमार गौतम बताते हैं कि सितंबर के महीने में किसान सब्जियों की अगेती खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगेती खेती इसलिए क्योंकि शुरुआती दिनों में बाजार में सब्जियों की आवक कम होती है, जिससे किसानों को ज्यादा कीमत मिलती है. किसान सितंबर महीने में हरी धनिया, पालक, मूली, गाजर, फूलगोभी और पत्ता गोभी की फसल लगाएं. ये सभी सब्जियां कम दिनों में तैयार हो जाती हैं और इनकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है.
किसान फूलगोभी और पत्तागोभी की उन्नत किस्म का चुनाव करें. फूलगोभी की फसल 7 से 70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. हरा धनिया और पालक की फसल 20 से 22 दिनों में तैयार हो जाती है. मूली और गाजर की मांग बाजार में हमेशा रहती है. ये दोनों ही सब्जी सलाद, अचार और सब्जी के लिए इस्तेमाल की जाती है. गाजर और मूली 35 से 40 दिनों में तैयार हो जाती है. ये फसलें कम लागत में किसानों को ज्यादा मुनाफा देती हैं.
सितंबर में सब्जियों की बुवाई करने से पहले किसान खेत की गहरी जुताई करें. उसके बाद खेत को पाटा चला कर समतल कर लें. खेत की अंतिम जुताई के समय वर्मी कंपोस्ट और गोबर की सड़ी हुई खाद मिला दें. ऐसा करने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो जाएगी. कोशिश करें कि सभी सब्जियों की बुवाई बेड बनाकर ही करें. किसान 1 मीटर चौड़ा और 15 से 18 सेंटीमीटर ऊंचाई वाला बेड बनाएं. बेड पर बुवाई करने से बेमौसम बारिश में भी फसल को नुकसान नहीं होगा.
कार्य करने से पहले योजना बनाना हर एक क्षेत्र में सफलता की कुंजी साबित होता है. अगर किसान को यह जानकारी है कि कौन से महीने में कौन सी फसल की बुवाई को विकसित करनी है तो यह उसके लिए काफी लाभकारी होता है. सितंबर माह में कई ऐसे सब्जियां हैं जिनकी बुवाई की जाती है. इनसे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है. सितंबर महीने में मानसून बरसात का अंत होता है और शरद ऋतु के आगमन की तरफ बदलाव होता है.