मंदसौर शहर में सोमवार को पीजी कॉलेज से घर लौट रही एक छात्रा का दिनदहाड़े अपहरण करने की कोशिश की गई। हालांकि वक्त रहते पुलिस ने छात्रा को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया।
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घटना सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। छात्रा कॉलेज से बाहर निकलकर बस का इंतजार कर रही थी। तभी बिना नंबर की काले शीशे वाली ऑल्टो कार वहां आकर रुकी। गाड़ी से उतरे अभिषेक चौधरी ने छात्रा का हाथ पकड़कर जबरन कार में बैठा लिया। छात्रा ने विरोध किया और मदद के लिए चिल्लाई भी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। इसके बाद कार तेज रफ्तार से रवाना हो गई।
पुलिस ने छात्रा को छुड़ाया इसी दौरान कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि एक युवती को जबरदस्ती कार में बैठाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मी सक्रिय हुए और कृषि उपज मंडी के पास संदिग्ध कार को रोक लिया। कार से पिपलियामंडी निवासी श्रवण चौहान और अभिषेक चौधरी को पकड़ा गया। छात्रा को तुरंत पुलिस थाने लाया गया।
आरोपी छात्रा को पहले से जानते थे थाने में प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि पीड़िता और आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते हैं। पुलिस जांच के दौरान युवती के परिजन भी थाने पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और बहसबाजी की स्थिति बन गई। पुलिस ने बीच-बचाव कर माहौल शांत कराया।
इस बीच आरोपियों ने थाने से बाहर निकलने की कोशिश की और शाम तक एफआईआर दर्ज करवाने में भी देरी होती रही। अंततः देर रात करीब साढ़े 11 बजे युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115/2, 140/3 और 3/5 के तहत मामला दर्ज किया।
छात्रा बोली- जबरन कार में बैठाया पीड़िता ने बताया कि अभिषेक ने कॉलेज के बाहर अचानक उसका रास्ता रोका और जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया। उसने रास्ते में उसके साथ मारपीट की और बाल भी खींचे। छात्रा ने कार चालक श्रवण चौहान से गाड़ी रोकने को कहा, लेकिन उसने गाड़ी नहीं रोकी। आखिरकार कृषि मंडी के पास पुलिस ने कार रोककर उसे बचाया।
टीआई संदीप मंगोलिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया। उसके बयान पर अपहरण और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
बीजेपी पार्षद है एक आरोपी भास्कर की पड़ताल में यह भी सामने आया कि अभिषेक और छात्रा पिछले चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। पीड़िता के पिता ने कभी अभिषेक से कहा था कि वह उनकी बेटी का ध्यान रखे। लेकिन समय के साथ अभिषेक को शक हो गया कि छात्रा का किसी और से संबंध है। इसी वजह से वह उसका पीछा करता था और बार-बार फोन कर निगरानी रखता था। सोमवार को भी वह इसी शक में कॉलेज पहुंचा और विवाद के बाद छात्रा को जबरन गाड़ी में बैठा लिया।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कार का चालक श्रवण चौहान पिपलियामंडी नगर परिषद का पार्षद है और भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों पर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस दोनों आरोपी श्रवण चौहान और अभिषेक चौधरी को थाने ले आई जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।