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Khandwa News: एमपी के खंडवा जिले में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने परिवार के साथ ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
रेलवे प्रोजेक्ट्स समय से पहले पूरा हों
वी. सोमन्ना ने साफ किया कि केंद्र सरकार का विशेष ध्यान मध्य प्रदेश जैसे आध्यात्मिक राज्य की महत्वता पर है. ओंकारेश्वर की भव्यता और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले ओंकारेश्वर-उज्जैन रेलवे लाइन पूरी तरह से चालू हो जाए. इस परियोजना के पूरा होने से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी सुविधा के साथ यहां पहुंच सकेंगे. मंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर मध्य प्रदेश की आध्यात्मिकता का प्रमुख केंद्र है. आदि गुरु शंकराचार्य जी ने यहां दीक्षा ली थी और मां नर्मदा का पावन आशीर्वाद इस स्थान को और भी विशिष्ट बनाता है. मुझे यहां आकर बहुत प्रसन्नता हुई. हम सभी की यही कोशिश है कि रेलवे प्रोजेक्ट्स समय से पहले पूरा हों ताकि आम जनता को बेहतर यातायात सुविधाएं मिल सकें.
ओंकारेश्वर-उज्जैन रेलवे परियोजना के तहत रेल राज्य मंत्री ने बताया कि आगे की कार्यवाही के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है. यह परियोजना न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाएगी. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी रेलवे प्रोजेक्ट तय समय सीमा में पूर्ण करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. इस अवसर पर रतलाम रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जिसमें डिवीजनल रेल मैनेजर (डीआरएम), सीनियर डिवीजनल इंजीनियर, सीनियर डीओएम, सीनियर डीसीएम सहित कई अन्य रेलवे अधिकारी शामिल रहे. मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति का अवलोकन किया और जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए.
सरकार का प्रयास हर क्षेत्र में विकास
पूजन-अभिषेक का शुभ कार्य पंडित अखिलेश्वर दीक्षित द्वारा संपन्न कराया गया। उन्होंने मंत्रोच्चारण के माध्यम से पूरे वातावरण को पवित्र किया और देश, प्रदेश और जनमानस की भलाई के लिए विशेष प्रार्थना की. ओंकारेश्वर-उज्जैन रेलवे परियोजना का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाली है. इस रेल मार्ग के बनने से न केवल तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को भी बल मिलेगा. कई दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोग अब अधिक आसानी से ओंकारेश्वर और उज्जैन की पावन भूमि पर आ सकेंगे.
ओंकारेश्वर-उज्जैन रेलवे परियोजना आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन को नए आयाम देने के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी. यह परियोजना क्षेत्रीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायक होगी. इस पावन आयोजन के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट हो गया कि सरकार का प्रयास हर क्षेत्र में विकास की गति को तेज करने का है, ताकि हर नागरिक को सुविधाएं सहज रूप से मिलें और देश का विकास निरंतर प्रगतिशील बना रहे.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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