राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी कर रहा है। इस अवसर पर धार जिले में 97 स्थानों पर भव्य पथ संचलन आयोजित किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य हर हिंदू परिवार को जोड़ना और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
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गांव-गांव और शहरी बस्तियों में स्वयंसेवकों की टीमें पहुंचकर घर-घर संपर्क साध रही हैं। परंपरागत गणवेश में सज्ज स्वयंसेवक लोगों से संवाद कर रहे हैं और यह संदेश दे रहे हैं कि शताब्दी वर्ष का यह आयोजन पूरे हिंदू समाज का उत्सव है। संघ का लक्ष्य है कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक प्रतिनिधि पथ संचलन में शामिल हो।
धार जिले के 926 गांवों को 88 मंडलों में बांटा गया है। इन सभी केंद्रों पर 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक संचलन होंगे। इसके अलावा 9 नगरीय केंद्रों में भी विशाल कार्यक्रम होंगे, जिनमें 49 बस्तियों से स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। विजयादशमी के आसपास इन संचलनों से अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव का भव्य दृश्य जिलेभर में दिखाई देगा।
जिले की 13 घोष इकाइयों के 516 स्वयंसेवक इस अवसर पर घोष वादन करेंगे। उनके लिए 292 आनक, 36 शंख, 114 वेणु, 26 प्रणव और 48 ताल जैसे वाद्ययंत्रों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब तक 4600 से अधिक नए स्वयंसेवक गणवेश खरीद चुके हैं।
सुनिश्चित सहभागिता के लिए कार्यकर्ता गांवों में प्रवास कर बैठकें कर रहे हैं और घर-घर जाकर संचलन की जानकारी साझा कर रहे हैं। इस तरह आरएसएस का शताब्दी वर्ष जिले के हर कोने तक पहुंचने जा रहा है।