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Top 5 schools in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है. यहां कई नामचीन स्कूल हैं, जिनमें पढ़ना हर बच्चे का सपना होता है. ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर के ये स्कूल न सिर्फ अपनी पढ़ाई बल्कि अपनी सुविधाओं और अनुशासन के लिए भी जाने जाते हैं. आइए जानते हैं इन टॉप 5 स्कूलों के बारे में विस्तार से.
ग्वालियर का सिंधिया स्कूल न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के बेहतरीन स्कूलों में गिना जाता है. इसकी स्थापना साल 1897 में महाराजा माधो राव सिंधिया ने की थी. यह स्कूल खासतौर पर अपनी प्राचीन विरासत, अनुशासन और उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए जाना जाता है.

सिंधिया स्कूल से कई मशहूर हस्तियां पढ़ चुकी हैं. इनमें अभिनेता सलमान खान, फिल्ममेकर अनुराग कश्यप और एयर चीफ मार्शल पीसी लाल जैसे नाम शामिल हैं. यहां पढ़ाई के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. यहां पढ़ाई की सालाना फीस लगभग 12-13 लाख रुपये तक होती है.

डेली कॉलेज, इंदौर को मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित स्कूलों में गिना जाता है. इसकी स्थापना वर्ष 1882 में हुई थी और यह सीबीएसई व कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एग्जामिनेशन (CIE) से एफिलिएटेड है.

यह स्कूल आज भी अंग्रेजी माध्यम के उच्च स्तरीय स्कूलों में शामिल है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विधायक लक्ष्मण सिंह जैसे बड़े नाम यहां से पढ़ चुके हैं. इसकी वेबसाइट के मुताबिक, यहां की फीस लगभग 8 लाख रुपये तक जाती है.

भोपाल का दिल्ली पब्लिक स्कूल हर माता-पिता की पहली पसंद माना जाता है. इस स्कूल की स्थापना 2000 में श्री गुरुदेव गुप्ता ने की थी. आधुनिक सुविधाओं से लैस इस स्कूल में आज 7000 से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं.

डीपीएस भोपाल की खासियत यह है कि यहां छात्रों के सर्वांगीण विकास पर फोकस किया जाता है. पढ़ाई के साथ-साथ खेल, संगीत और आर्ट की शिक्षा भी दी जाती है. इसकी वेबसाइट के अनुसार, यहां की फीस भी लाखों में है और यही वजह है कि यह राज्य के सबसे महंगे स्कूलों में शुमार है.

शिशु कुंज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल भी इंदौर का एक बेहतरीन स्कूल है. इसे शिशु कुंज एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाता है. इस स्कूल को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है और यहां शिक्षा के आधुनिक साधन उपलब्ध हैं.

इस स्कूल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसे ब्रिटिश काउंसिल द्वारा इंटरनेशनल स्कूल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. यहां छात्रों को ग्लोबल लेवल की पढ़ाई और एक्सपोज़र दिया जाता है. यहां की फीस भी लाखों में है.

जबलपुर का क्राइस्ट चर्च बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान रखता है. इसकी स्थापना 1870 में एक चर्च स्कूल के रूप में की गई थी. आज यह सीबीएसई से संबद्ध है और यहां लगभग तीन हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.

यहां की खासियत यह है कि यह राज्य के अन्य महंगे स्कूलों की तुलना में अपेक्षाकृत कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराता है. इसकी वजह से मध्यम वर्गीय परिवार भी यहां अपने बच्चों को पढ़ा सकते हैं. यहां शिक्षा के साथ अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर भी जोर दिया जाता है.