मानसून सीजन के दौरान धंसकी सड़कों का मेंटेनेंस ही नहीं, बल्कि उनकी जांच को लेकर भी सरकारी अमला लापरवाही बरत रहा है। नदी गेट चौराहे पर 12 सितंबर को धंसकी सड़क की जांच अब तक नहीं हो सकी है। जिस कारण ये स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि आखिर इसके धंसकने की वजह क
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जानकारी के अनुसार यहां से लिए गए सैंपलों में से ऊपर एक लेयर की जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है। जिसे पूरा होने में एक-दो दिन का वक्त लग सकता है। उसके बाद इसके निर्माण की वास्तविकता एवं दूसरे पहलु सामने आ सकेंगे और आगे की कार्यवाही शुरू हो सकेगी। गौरतलब है कि नदी गेट चौराहे पर धंसकी इस सड़क की जांच के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने टीम बनाई थी।
जिसमें लोक निर्माण विभाग, नगर निगम के अधिकारी शामिल थे, इस टीम ने लोक निर्माण विभाग की जांच लैब में सैंपल जमा कराए थे।
वर्ष 2023 में 2 करोड़ रुपए से बनी थी सड़क
ये सड़क 2022-2023 में बनाई गई थी। सिंधिया कन्या विद्यालय से बैजाताल होते हुए इंदरगंज तक बनाई गई इस सड़क पर 2 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। शहर की सबसे मुख्य सड़कों में शामिल इस सड़क के दो ही वर्षों में धंसकने को लेकर नगर निगम एक बार फिर कटघरे में खड़ा हो गया है। क्योंकि, इससे पहले चेतकपुरी रोड ज्यादा भयानक तरीके से धंसकी और उसकी वजह से ग्वालियर की बदनामी देश-दुनिया में बहुत हुई थी। ये सड़क भी नगर निगम के अधीन ही थी।
सैंपलों की जांच प्रक्रिया जारी है, 23 को आएगी रिपोर्ट
नदी गेट रोड के सैंपलों की जांच में कुछ प्रक्रिया रह गई है। जो कि 23 सितंबर तक पूरी हो जाएगी और रिपोर्ट भी तैयार हो जाएगी। -सतेंद्र यादव, प्रभारी पीडब्ल्यूडी लैब