एम्स भोपाल ने मरीजों की जांच सेवाओं का विस्तार किया गया है। अस्पताल में दो नए कोबास प्रो एडवांस्ड इंटीग्रेटेड क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री मशीन लगाई गईं हैं। यह एक मॉडर्न मशीन प्रति घंटे 2 हजार से ज्यादा जांचें संभव होंगी। वहीं, दो मशीनों से 4 हजार से ज्य
.
एम्स के प्रो. डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि यह मशीन एक बार में 230 से अधिक तरह की जांच करने में संभव हैं। जो अब तक 4 अलग-अलग तरह की मशीनों से होती थी। एक मशीन से यह सभी जांच होने से हम कम समय में रिपोर्ट दे सकेंगे। खास तौर पर क्रिटिकल, इमरजेंसी और आईसीयू में भर्ती मरीजों की रिपोर्ट महज 30 मिनट में ही तैयार हो जाएंगी।
ब्लड शुगर से लेकर हार्मोन तक की होगी जांच यह नई मशीन ब्लड शुगर, लिवर, हार्मोन, थायरॉइड प्रोफाइल और किडनी फंक्शन टेस्ट से लेकर विटामिन और कैंसर मार्कर तक 230 से अधिक तरह की जांचें करने में संभव है। जो अब तेजी और सटीकता से हो सकेंगी। यह मशीन मध्य प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार स्थापित की गई है।
इसका औपचारिक उद्घाटन सांसद आलोक शर्मा, विवेक तन्खा और भरत सिंह कुशवाह ने किया।
कोबास प्रो मशीन क्यों है खास
- प्रति घंटे 2,000 से अधिक टेस्ट करने की क्षमता
- 230 से ज्यादा प्रकार की जांचें एक प्लेटफॉर्म पर
- ब्लड शुगर से कैंसर मार्कर तक की जांच संभव
- सटीक और तेज परिणाम, रिपोर्टिंग में देरी नहीं
- पहली बार मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पताल में स्थापना