खरगोन जिले के भीकनगांव में सोमवार को भारतीय किसान संघ ने खराब फसलों के मुआवजे और सर्वे की मांग को लेकर दो घंटे धरना प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह आंदोलन लगभग दो घंटे तक चला, जिसमें किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में खराब हुई
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प्रशासन की ओर से किसानों को जानकारी दी गई कि भीकनगांव और झिरन्या क्षेत्रों में खराब फसलों का सर्वे 30 सितंबर से शुरू किया जाएगा। यह सर्वे पीला मोजेक वायरस के चलते हुए नुकसान के आधार पर किया जाएगा।
किसान बोले- आदेश के बावजूद राजस्व विभाग ने नहीं दिखाई सक्रियता
भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि पीला मोजेक बीमारी से सोयाबीन की फसल बर्बाद हो रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। किसानों के दबाव के बाद खुलासा हुआ कि अपर कलेक्टर खरगोन द्वारा 27 सितंबर को आदेश जारी किया गया है।
जिसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि पीला मोजेक से प्रभावित फसलों का सर्वे किया जाए और प्रकरण तैयार कर राहत प्रदान की जाए। हालांकि, किसानों का आरोप है कि आदेश के बावजूद राजस्व विभाग की ओर से पिछले दो दिनों में क्षेत्र में कोई सक्रियता नहीं दिखाई दी।
किसान बोले- सर्वे की होगी निगरानी
धरना स्थल पर भारतीय किसान संघ के प्रांत युवा वाहिनी संयोजक श्यामसिंह पवार, जिला मंत्री वासुदेव चौधरी, प्रचार प्रमुख नितेशसिंह मौर्य, भीकनगांव तहसील अध्यक्ष राधेश्याम पटेल, झिरन्या तहसील अध्यक्ष दादू सिंह चौहान, राजेंद्रसिंह सोलंकी, प्रवीण सिंह गौड़, नरेन्द्रसिंह सोलंकी, किरेसिंह सोलंकी और गोविंदसिंह पटेल सहित 100 से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
किसान प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि सर्वे कार्य की चार दिन तक सतत निगरानी की जाएगी और यदि सर्वे में अनियमितता पाई गई तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संयुक्त टीम करेगी सर्वे
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि सर्वे कार्य नायब तहसीलदार और तहसीलदार के निर्देशन में किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6/4 के तहत आर्थिक राहत दी जाएगी।