रायसेन में दशहरा पर्व पर 71 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन किया गया। शहर के प्राचीन बावड़ीपुरा हनुमान मंदिर से 40 किलो वजनी वीर हनुमान का मुखौटा धारण कर शोभायात्रा निकाली गई।
.
गुरुवार शाम को वार्ड 2 स्थित बावड़ीपुरा हनुमान मंदिर से यह शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इस वर्ष अभिषेक कुशवाह ने 40 किलो वजनी वीर हनुमान का मुखौटा धारण किया। उन्होंने लगभग पांच घंटे तक इस मुखौटे को धारण किए रखा।
शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरे मैदान पहुंची। इस दौरान लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और वीर हनुमान के मुखौटे की आरती भी उतारी। मुखौटा धारण करने वाले व्यक्ति का चयन एक विशेष प्रक्रिया के तहत किया जाता है। प्राचीन हनुमान मंदिर बावड़ीपुरा में जय महावीर समिति इच्छुक व्यक्तियों के नाम की दो पर्चियां हनुमान प्रतिमा के सामने डालती है।
40 दिन ब्रह्मचर्य का पालन किया इन पर्चियों को किसी कन्या के हाथों से उठाया जाता है। पहली पर्ची में नाम आने वाले व्यक्ति को दशहरे पर मुखौटा धारण करने का अवसर मिलता है, जबकि दूसरी पर्ची में नाम आने वाले को रामलीला मेले में रावण दहन के दिन यह सम्मान प्राप्त होता है।
इस वर्ष शहर के रामलीला निवासी अभिषेक कुशवाहा ने यह मुखौटा धारण किया। उन्हें इसके लिए 40 दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन और व्रत करना पड़ा। इस अवधि में उन्होंने मंदिर पहुंचकर सुबह-शाम कड़ी तपस्या की।
देखें तस्वीरें
