जलती वैन से ड्राइवर बचाओ–बचाओ चिल्ला रहा था, फिर खामोश: प्रत्यक्षदर्शी बोले– आंखों के सामने जिंदा जले दो लोग; दो कारों में हुई थी टक्कर – Mhow News

जलती वैन से ड्राइवर बचाओ–बचाओ चिल्ला रहा था, फिर खामोश:  प्रत्यक्षदर्शी बोले– आंखों के सामने जिंदा जले दो लोग; दो कारों में हुई थी टक्कर – Mhow News


इंदौर के महू में दो कारों की टक्कर के बाद एक कार में आग लग गई। हादसा इतना भीषण था कि बचने का मौका तक नहीं मिला। जलती वैन से ड्राइवर बचाओ–बचाओ चिल्ला रहा था, थोड़ी देर बाद आवाज खामोश हो गई। मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश भी की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं

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गुरुवार को चारों के शव का पोस्टमार्टम कर परिजन को सौंप दिया गया। चारों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

हादसे में दूसरी कार में सवार अन्य दो लोगों की भी मौत हुई। तीन अन्य इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती हैं। घटना के दूसरे दिन दैनिक भास्कर ने राऊ-खलघाट फोरलेन पर बड़गोंदा थाना क्षेत्र में नांदेड़ ब्रिज पर जाकर देखा।

पलक और कमलेश कार में जिंदा जल गए, जबकि स्विफ्ट कार में सवार राहुल और रवि की भी मौत हो गई।

चार की मौत, तीन घायल

वैन सवार जिंदा जले– पलक सिंव्हल, कमलेश गुर्जर निवासी मानपुर

स्विफ्ट में सवार मृतक– राहुल (25) पिता कैलाश, रवि (26) पिता लक्ष्मण निवासी अंबापुरा

स्विफ्ट में सवार घायल– चेतन (17) पिता सुरेश निवासी धरमपुरी, संजय (23) पिता मंगल सिंह और गोलू परमार (20) निवासी लोधीपुरा

आग से सड़क का डामर तक पिघल गया

महू से करीब 18 किलोमीटर दूर है नांदेड़ ब्रिज। यहां से मुंबई के लिए भी रास्ता जाता है। यहां ट्रैफिक रोजाना की तरह सामान्य था। ब्रिज पर एक किनारे ओमनी वैन जली हुई अवस्था में पड़ी है। पूरी वैन खाक हो गई। इसमें लगा एलपीजी सिलेंडर दिख रहा था। बाकी पार्ट्स जले हुए नीचे पड़े थे। इनमें दिवाली पर घर पर लाइटिंग करने वाली सीरीज भी बड़ी मात्रा में जली पड़ी थी। घटनास्थल पर डामर पर पिघल गया था। जहां गाड़ी जली थी, वहां डामर पिघल गया था। सड़क पर पेंट के डिब्बे भी जली हालत में पड़े थे। प्रशासन ने दूसरी स्विफ्ट डिजायर कार को भी एक तरफ कर दिया है। दूसरी कार भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद आसपास के करीब 20 से ज्यादा लोग वहां इकट्‌ठा थे। आते–जाते बाइक सवार इसे देख रुक गए थे।

इसी भीड़ में नांदेड़ गांव के रहने वाले तीन युवा विकास ठाकुर, नरेंद्र सिंह ठाकुर और दीपक ठाकुर भी मौजूद थे।

आग इतनी भीषण थी कि सड़क का डामर तक पिघल गया।

आग इतनी भीषण थी कि सड़क का डामर तक पिघल गया।

मिट्‌टी डालकर आग बुझाने की कोशिश, लेकिन नाकाम

तीनों युवा घटना के वक्त वहां से गुजर रहे थे। आग देखकर बचाने के लिए दौड़े, लेकिन सफल नहीं हो सके। बचाने में विकास ठाकुर का हाथ भी झुलस गया। दैनिक भास्कर ने नरेंद्र ठाकुर से बात की।

नरेंद्र ने बताया, रात करीब 11 बजे थे। हम गाड़ी से सर्विस रोड से होते हुए अपने घर जा रहे थे। ब्लास्ट की आवाज भी आई। इसी दौरान फोन लाइन पर नजर पड़ी। यहां देखा, एक कार जल रही है। हम तत्काल बायपास होते हुए मौके पर पहुंचे। आग को बुझाने की कोशिश की। उस वक्त सड़क से गुजरने वाले कई वाहन चालकों को भी रोकने की कोशिश की, कोई वह फायर यंत्र दे दे, तो आग बुझा सकें, लेकिन कोई नहीं रुका। इसके बाद मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते लपटें बढ़ने लगी थीं।

वैन में मौजूद ड्राइवर अधजली हालत में जोर-जोर से बचाओ–बचाओ चिल्ला रहा था। हम भी उसे बचाना चाहते थे, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कार के पास जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। विकास ठाकुर ने वैन का गेट खोलने की कोशिश भी की, लेकिन गेट नहीं खुला। इस दौरान विकास का हाथ भी झुलस गया। थोड़ी देर बाद वह आवाज भी खामोश हो गई।

देखते ही देखते हमारी आंखों के सामने दोनों जिंदा जल गए। पहली बार ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा देखा था। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। करीबन 30 मिनट तक कार में आग लगती रही। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। तब तक दोनों पूरी तरह जल चुके थे। अभी भी मौके पर कार में शव के अवशेष नजर आ रहे हैं।

कार में इस तरह लपटें निकल रही थीं।

कार में इस तरह लपटें निकल रही थीं।

बेकाबू कार डिवाइडर पार कर वैन से टकराकर पलटी

मानपुर से महू की ओर आ रही तेज रफ्तार स्विफ्ट कार बेकाबू होकर डिवाइडर को पार कर गई। जो दूसरी ओर सामने से आ रही ओमनी कार से टकराकर पलट गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई। स्विफ्ट कार सवार पांच लोग महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन जा रहे थे। इसमें सवार राहुल (25) और रवि (26) की मौत हो गई, दोनों ग्राम अंबापुरा बगवानिया के रहने वाले थे। आयशर वाहन चलाते थे।

गैस किट और पेंट के कारण धमाका

पलक की मानपुर में हार्डवेयर की दुकान है। इसी के लिए सामान खरीदने इंदौर गया था। पलक अपने ड्राइवर कमलेश को लेकर वैन से इंदौर गया था। वैन में पीछे पेंट के डिब्बे रखे थे। गाड़ी कमलेश चला रहा था। दरअसल, वैन का इंजन ड्राइवर सीट के नीचे रहता है। टक्कर के बाद शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। वैन में पीछे पेंट रखा था। पेंट के केमिकल ने आग पकड़ ली। वैन में एलपीजी सिलेंडर किट लगी थी। इस कारण ब्लास्ट हो गया और आग तेज हो गई।

पलक परिवार में बड़ा था। परिवार में छोटा भाई और मां है। पिता की कुछ साल पहले जगन्नाथ पुरी में हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।

हादसे में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसके अलावा, स्विफ्ट कार भी क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसके अलावा, स्विफ्ट कार भी क्षतिग्रस्त हो गई।



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