सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने शहर के बस और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में एडिशनल सीपी आर.के. सिंह और डीसीपी आनंद कलादगी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि ट्रैफिक को संभालने में यूनियनों ने जो मदद की है, वह बहुत सराहनीय है।शुरुआत में ट्रैफिक बहुत ज्यादा था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है और गाड़ियां सही तरीके से चल रही हैं।
बैठक में पुलिस अधिकारियों मिले जरुरी निर्देश
- सभी बस और ट्रक मालिक यह जरूर जांच लें कि उनके ड्राइवर के पास सही लाइसेंस (मीडियम या हेवी व्हीकल का), फिटनेस सर्टिफिकेट और रूट परमिट हो।
- जिनके पास सिर्फ हल्की गाड़ी (फोर व्हीलर) चलाने का लाइसेंस है, वे कभी भी बस या ट्रक न चलाएं।
- केवल उन्हीं गाड़ियों को चलाएं जो पूरी तरह फिट हैं और सरकार से मंजूर रूट पर ही चलें।
- कोई भी ड्राइवर नशे की हालत में गाड़ी न चलाए, और गाड़ी में ज्यादा माल न भरे।
- सड़कों पर रेस या मुकाबला जैसी चीजों से बचें। इससे हादसे बढ़ते हैं और पुलिस कार्रवाई होगी।
- बसें और ट्रक सिर्फ तय किए गए स्टॉप पर ही रुकें। सड़क पर कहीं भी गाड़ी रोकना मना होगा।
- शहर के मुख्य बस स्टॉप और सड़कों पर पुलिस, ट्रैफिक विभाग और आरटीओ की टीम मिलकर जांच करेंगी।
अधिकारियों ने बैठक में दिए जरूरी दिशा-निर्देश।
संघों ने दिया पुलिस को सहयोग का भरोसा
बैठक में ट्रांसपोर्ट और बस यूनियनों ने भरोसा दिया कि वे पुलिस का पूरा साथ देंगे। उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए जैसे रूट प्लानिंग, जिसे पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और कहा कि आगे इस पर भी योजना बनाई जाएगी।