प्रदर्शन करते हुए बहुजन संगठन के पदाधिकारी।
भिण्ड में संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर बुधवार को भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के तत्वाधान में जिला मुख्यालय पर जन आक्रोश रैली निकाली गई। रैली के
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रैली में बड़ी संख्या में बहुजन समाज से जुड़े लोग शामिल हुए। संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केंद्र और राज्य सरकारों की बहुजन विरोधी नीतियों के खिलाफ और सामाजिक न्याय की पुनर्स्थापना के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सरकार ने बहुजन समाज की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो देशव्यापी उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के बिना लोकतंत्र अधूरा है। उन्होंने प्रशासन से इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई करने की अपील की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से छह मांगें रखी गईं
- सभी चुनावों में ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर प्रणाली लागू की जाए।
- ओबीसी समेत सभी जाति समूहों की जातिगत जनगणना कराई जाए।
- आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार और अन्याय पर रोक लगाई जाए।
- मुस्लिम, इसाई और बौद्ध समुदाय के संवैधानिक अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण तत्काल लागू किया जाए।
- बहुजन समाज से जुड़े स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों का त्वरित समाधान किया जाए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष किशोरीलाल शाक्य, कमलेश कुमार, मुन्ना शाक्य, राजू शाक्य, रामदास राठौर, अजय बाल्मीकि मौजूद रहे।