एक ने अपनाई ये तकनीक, 40 किसान कमाने लगे लाखों, उतर गया कर्ज, कई राज्यों में सब्जी सप्लाई कर रहा MP का ये गांव

एक ने अपनाई ये तकनीक, 40 किसान कमाने लगे लाखों, उतर गया कर्ज, कई राज्यों में सब्जी सप्लाई कर रहा MP का ये गांव


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Agriculture Tips: 5 साल पहले एक किसान द्वारा अपनाई तकनीक ने पूरे गांव के किसानों की तकदीर बदल दी है, नुकसान और कर्ज की मार झेल रहे किसान अच्छी कमाई करने लगे हैं, अब हर किसान के पास सिंचाई के साधन हैं, खुद के ट्रैक्टर हैं और…

Sagar News: सागर में 5 साल पहले एक किसान के द्वारा अपनाई तकनीक ने पूरे गांव के किसानों की तकदीर बदल दी है. नुकसान और कर्ज की मार झेल रहे कई किसान अब अच्छी कमाई करने लगे हैं. अब हर किसान के पास सिंचाई के साधन हैं. खुद का ट्रैक्टर है. पक्के मकान हैं. बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं. ये कहानी मैनाई धौनाई गांव के रामचंद्र लोधी की है. वह बीते 20 साल से खेती कर रहे हैं, लेकिन पारंपरिक फसलों में उतना मुनाफा नहीं हो पाता था. 18 साल पहले उन्होंने टमाटर की खेती शुरू की थी, लेकिन एक-दो साल में ही इतना नुकसान हुआ कि फिर इसको करना मुश्किल हो रहा था.

1 ने शुरू की, अब 40 किसान कर रहे ये काम
रामचंद्र अपनी पुरानी फसलों पर लौट आए. लेकिन, 5 साल पहले ड्रिप मल्चिंग पद्धति से सब्जियों की खेती शुरू की थी. 1 साल में करीब एक एकड़ से 7 लाख का मुनाफा हुआ था. यह देखकर दूसरे किसानों ने भी अगले साल से शुरुआत की. अब तक 40 से अधिक ऐसे किसान हमारे छोटे से गांव में हैं, जो ड्रिप मल्चिंग तकनीक से सब्जी की खेती कर रहे हैं. अब तो बाहर के खरीदार भी हमारे गांव आने लगे हैं, इसलिए हम लोगों को कोई भी सामान मंडी भी नहीं ले जाना पड़ता है. उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ तक के व्यापारी हमारे खेतों में ही अपनी गाड़ी लेकर आ जाते हैं.

ड्रिप सिंचाई के इतने फायदे
ड्रिप मल्चिंग से खेती करने पर सबसे बड़ा फायदा ये कि अगर ज्यादा बारिश हो जाए तो उतना नुकसान नहीं होता, जितना सामान्य फसल में होता है. अगर कम पानी है तो ड्रिप के माध्यम से उसकी पूर्ति होती रहती है. फसल को नमी मिलती रहती है, जिससे बराबर उत्पादन होता रहता है. पानी की कमी ड्रिप के माध्यम से महसूस नहीं होती. खाद भी जितना हम देते हैं, पूरा पौधे को मिलती है. इससे फूल फल ग्रोथ सब कुछ अच्छा रहता है. खरपतवार का कोई खतरा नहीं रहता. अतिरिक्त खर्च भी बच जाता है. पानी की भी बचत होती है.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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