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Pradosh Ranjan Paul Double Century: प्रदोष रंजन पॉल ने दोहरा शतक जड़ा विरोधी टीम के गेंदबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया. तमिलनाडु को उन्होंने मजबूत स्थिति में पहुंचाया. नागालैंड की टीम इस वक्त मैच में बुरी स्थिति में नजर आ रही है. प्रदोष का रेड बॉल क्रिकेट में औसत विराट कोहली से भी ज्यादा है.
नई दिल्ली. रणजी ट्रॉफी मैच में आज तमिलनाडु के प्रदोष रंजन पॉल ने दोहरा शतक ठोक दिया. नागालैंड के बॉलर्स की उन्होंने इतनी ठुकाई कर डाली कि तमिलनाडु का स्कोर देखते ही देखते 500 रन के पार पहुंच गया. यह उनके करियर का पहला दोहरा शतक है. अपनी पारी में उन्होंने 23 चौके लगाए. नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने आए प्रदोष ने 65 की स्ट्राइकरेट से रन बनाए. उन्होंने 314 गेंदों पर 201 रन ठोक दिए. नागालैंड की टीम अंत तक उन्हें आउट नहीं कर पाई. तमिलनाडु को 512/3 के स्कोर पर पारी घोषित करने का निर्णय लेना पड़ा.
करियर औसत में विराट से भी बेहतर
फर्स्ट क्लास करियर की बात की जाए तो रंजन पॉल ने घरेलू क्रिकेट में कुल 28 मैच खेले हैं. रेड बॉल क्रिकेट में उनका सफर अबतक शानदार रहा है. वो छह शतक और आठ अर्धशतक ठोक चुके हैं. खासबात यह है कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका करियर औसत 50.92 का है. वो इस मामले में विराट कोहली से भी आगे हैं. विराट ने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 46.9 की औसत से रन बनाए. हालांकि प्रदोष अभी एक 24 साल के युवा बल्लेबाज हैं. उनके पास टैलेंट की कोई कमी नहीं है. ऐसे में वो आने वाले दिनों में भारत की टीम में भी नजर आ सकते हैं.
फर्स्ट क्लास करियर में पूरे किए 2000 रन
प्रदोष रंजन पॉल के इस शानदार खेल को देखते हुए बीसीसीआई उन्हें इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ मैच के लिए इंडिया ए टीम में मौका दे चुकी है. आज के मैच में प्रदोष ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 2000 रन भी पूरे कर लिए। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रदोष पहले ही चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और भारत के कोच गौतम गंभीर की नजरों में हैं. वो नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हैं. जहां टीम इंडिया को अभी भी टेस्ट फॉर्मेट में अच्छे बल्लेबाज की तलाश है. प्रदोष अगर इसी तर्ज पर आगे भी बल्लेबाजी जारी रखते हैं तो टीम इंडिया में अपनी जगह बना सकते हैं.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें