Asli Nakli Khad Pehchan. खेती में अच्छे उत्पादन के लिए खाद उतनी ही जरूरी होती है, जितनी पानी की होती है. लेकिन मिलावट के इस दौर में किसानों के लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि वो जिस खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं वो असली है या नकली, क्योंकि इन दिनों बाजार में नकली खाद भी धड़ल्ले से बिक रही है, जिससे किसानों को लागत, पैदावार और क्वालिटी तीनों का नुकसान हो रहा है.
अनजान व्यक्ति से न खरीदें खाद
किसान भाइयों को ध्यान देना है कि जहां से वह खाद खरीद रहे हैं, वह औथेंटिक लाइसेंस धारी विक्रेता है या नहीं. कोशिश करें कि किसान सरकारी समितियों से ही खाद खरीदें. लेकिन किसी भी अनजान व्यक्ति से खाद न खरीदें.
बोरी से भी करें पहचान
रवीश सिंह बताते हैं कि सरकारी खाद की बोरी जो होती है वह चमकदार होती है, लेकिन नक़ली खाद बोरी थोड़ा डल होती है यानि चमक कम होती है.
असली डीएपी की ऐसे करें पहचान
रवीश सिंह बताते हैं कि जिले में ज्यादातर किसान डीएपी खाद का उपयोग करते हैं. इसलिए असली डीएपी की पहचान ये है कि आप इसे हथेली में लेकर तंबाकू की तरह चूना मिलाकर मलें. अगर इसमें से तेज गंध आती है तो वो असली है. साथ ही असली डीएपी का रंग थोड़ा बदल जाता है और जो नकली खाद होती है उसमें कोई कलर नहीं बदलता है.
गरम तवे पर भी होगी पहचान
वहीं, तेज आंच वाले तवे पर गर्म करने पर इसके दाने फूलने लगते हैं. इसके दाने कुछ कठोर, भूरे काले और बादामी रंग के होते हैं. यह नाखून से नोचने पर आसानी से टूटते नहीं हैं. बता दें कि डीएपी के दाने कंकर की तरह अनियमित आकार के होते हैं. नकली डीएपी को हथेली में रगड़ने पर टूटकर मिट्टी की तरह पिस जाती है.
किसान ऐसे करते हैं पहचान
वहीं छतरपुर जिले के किसान असली और नकली खाद की पहचान के लिए सालों से एक ट्रिक अपनाते आए हैं. किसान गया पाल बताते हैं कि सबसे पहले खाद को हथेली में लें फिर मुट्ठी बांध लें. इसके बाद उसमें मुंह से फूंक मारें. आप देखेंगे कि खाद शिता जाती है. इसके अलावा, आप खाद को खुले में छोड़ दीजिए कुछ घंटे बाद या एक दिन बाद आप देखेंगे कि ये खाद गलने लगती है. ये भी इसकी पहचान है. इसके अलावा आप पानी में भी डालकर खाद की असली पहचान कर सकते हैं.