सतना जिला अस्पताल में एनक्यूएएस असेसमेंट: पुराने रिकॉर्ड देख असेसर बोले, सर्टिफिकेट मिलना मुश्किल – Satna News

सतना जिला अस्पताल में एनक्यूएएस असेसमेंट:  पुराने रिकॉर्ड देख असेसर बोले, सर्टिफिकेट मिलना मुश्किल – Satna News



सतना जिला अस्पताल में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के री-सर्टिफिकेशन और मुस्कान कार्यक्रम के लिए असेसमेंट किया गया।इस दौरान दमोह जिला अस्पताल से आए असेसर डॉ. राघवेन्द्र चौधरी ने पुराने रिकॉर्ड देखकर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे रिकॉर्

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असेसमेंट टीम ने वार्डों और विभागों का किया निरीक्षण

टीम ने अस्पताल के आईपीडी, जीए, शिशु वार्ड, एसएनसीयू, आईसीयू, मरचुरी और वार्ड नंबर 5 का क्रमवार निरीक्षण किया।असेसरों ने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया।

डॉ. राघवेन्द्र चौधरी ने वार्डों का भ्रमण कर रिकॉर्ड देखे,जबकि डॉ. अमित प्रकाश जैन (दमोह) और विनीता सोनी (जबलपुर) ने मीटिंग हॉल में दस्तावेजों का परीक्षण किया।

रिकॉर्ड चेकलिस्ट के अनुरूप नहीं

क्लोजिंग मीटिंग में डॉ. अमित प्रकाश जैन ने कहा कि एनक्यूएएस री-सर्टिफिकेशन के लिए प्रस्तुत रिकॉर्ड चेकलिस्ट के अनुसार नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय असेसमेंट टीम ऐसे रिकॉर्ड पर 70 अंक नहीं देगी।डॉ. जैन ने यह भी बताया कि रिकॉर्ड चालू वित्तीय वर्ष के होने चाहिए, तभी बेहतर स्कोर मिल सकता है। हालांकि, कुछ विभागों के हालिया रिकॉर्ड देखकर उन्होंने संतोष भी व्यक्त किया।

फार्मेसी, ओपीडी और आईसीयू के रिकॉर्ड में खामियां

सूत्रों के अनुसार, फार्मेसी, ओपीडी, पीएनसी, आईसीयू, मरचुरी और पैथोलॉजी विभागों के रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं पाए गए। टीम ने पाया कि किसी भी विभाग में तीन माह की सामग्री के बफर स्टॉक में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सामग्री उपलब्ध नहीं थी, जो चेकलिस्ट की शर्तों के विपरीत है। इस पर भी असेसरों ने अस्पताल प्रशासन से नाराजगी जताई।

रिकॉर्ड संधारण की जिम्मेदारी संभालने वाले एनक्यूएएस इंचार्जों को समझाया गया किताजा और सटीक रिकॉर्ड के बिना अपेक्षित स्कोर प्राप्त नहीं होगा। टीम ने सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए। असेसमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद असेसमेंट टीम के सदस्य अपने-अपने शहर लौट गए।



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