Congress Leaders Press Conference: SIR विवाद में कांग्रेस ने उठाया डंका! 35 लाख हस्ताक्षर के साथ दिल्ली रैली की तैयारी

Congress Leaders Press Conference: SIR विवाद में कांग्रेस ने उठाया डंका! 35 लाख हस्ताक्षर के साथ दिल्ली रैली की तैयारी


MP Congress Leaders Press Conference: मध्यप्रदेश कांग्रेस के तीन बड़े नेता- प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार—ने भोपाल में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. कहा कि लाखों मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं, ताकि लोकतंत्र को कमजोर किया जाए.

जीतू पटवारी का बयान
पटवारी ने कहा, “लाखों वोटरों के नाम हेराफेरी से काटे गए हैं. कांग्रेस संविधान की रक्षा करने वाली पार्टी है. राहुल गांधी ने इस लड़ाई को शुरू किया और प्रमाण भी दिए.” उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाया कि जब कांग्रेस ने पूछा तो जवाब भाजपा ने दिया. इससे साफ है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर काम कर रहे हैं.मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति बदली गई. मुख्य न्यायाधीश की जगह गृह मंत्री को शामिल किया गया. SIR से लोगों में डर पैदा हो रहा है.

पटवारी बोले, “भाजपा कहती है कि घुसपैठिए वोट न डालें, इसलिए SIR हो रहा है. लेकिन बिहार में जिनके नाम लिस्ट से कटे, क्या वे सब घुसपैठिए थे? 11 साल में भाजपा ने ऐसा क्यों नहीं किया?”
कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान चलाया. मध्यप्रदेश में 35 लाख 67 हजार हस्ताक्षर जुटाए गए. टारगेट का 100% पूरा हुआ.

हर विधानसभा में एक वकील नियुक्त किया.
BLA-2 (बूथ लेवल एजेंट) को ट्रेनिंग दी गई.
40 जिलों में ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है.
1047 ब्लॉकों में कार्यकर्ता तैनात हैं.
सिर्फ 60% BLA-2 की जानकारी चुनाव वेबसाइट पर डाली गई.

पटवारी ने कहा, “भाजपा वोट के अधिकार पर हमला कर रही है. हम रामलीला मैदान (दिल्ली) में रैली करेंगे. 5 करोड़ से ज्यादा हस्ताक्षर लेकर राष्ट्रपति के पास जाएंगे. राष्ट्रीय नेतृत्व जाएगा. SIR से डरें नहीं, लड़ें.”

उमंग सिंघार का बयान
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “21 साल बाद 12 राज्यों में SIR हो रही है. एक ही खेल है—लोकतंत्र को लूटो. चुनाव आयोग मनमाने आदेश निकालता है.” राजनीतिक दलों से बात करके नीति बनानी चाहिए थी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की सलाह को चुनाव आयोग नहीं मानता. हरियाणा में ‘ब्राजील मॉडल’ से वोट चोरी हुई. बिहार में भाजपा वाले छठ पूजा के नाम पर फर्जी वोट डालने गए. डुप्लीकेट, अवैध और बल्क वोटिंग हुई.

सिंघार ने बताया, “मैंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाया, जवाब नहीं दिया. अगर मैं गलत था तो FIR करते. डिलीट हुए वोटों की जानकारी नहीं दी गई. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट जैसे काम कर रहे हैं.”
मध्यप्रदेश में 50 लाख वोट डिलीट होने का खतरा है.

ये भी कहा
पलायन करने वाले मजदूर और आदिवासी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.
शिक्षकों की नई भर्ती हुई है, उनमें कई RSS शाखा जाते हैं. वे चुन-चुनकर कांग्रेस और कमजोर वर्ग के लोगों के नाम काटेंगे.
चुनाव ड्यूटी न करने वालों को सस्पेंड कर दिया गया.
भोपाल में डेंगू कर्मचारियों को भी SIR में लगा दिया.
अंतिम लिस्ट आने के बाद आपत्ति नहीं ली जाएगी. सिंघार बोले, “भाजपा जनमत नहीं, फर्जी वोट से सरकार बनाना चाहती है.”

दिग्विजय सिंह का बयान
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने संविधान की बात की. बोले, “चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट बनाने, उसे नियंत्रित करने और संचालित करने का अधिकार संविधान देता है. नागरिक का नाम लिस्ट में न हो तो क्या वह देश का नागरिक नहीं रहा?” 2025 के नए SIR नियम में नागरिकता का प्रमाण मांगा जा रहा है. पहले डोर-टू-डोर सर्वे होता था, अब फॉर्म भरवाया जा रहा है. बिहार में 62 लाख नाम काटे गए. अब उनको नागरिकता साबित करनी पड़ेगी? घुसपैठिए हटाने की बात है. UPA ने 88 हजार को बाहर किया, NDA ने सिर्फ 2004 लोग ढूंढे—यानी बीजेपी ने मात्र 3% काम किया.

दिग्विजय ने उदाहरण दिया:-
कर्नाटक में एक व्यक्ति का नाम कई जगह था.
पते के कॉलम में ‘0’ लिखा था.
एक घर में 400 मतदाता दिखाए गए.
हिंदू, मुस्लमान सब एक मकान में!

उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार भाजपा नेता जैसे काम कर रहे हैं.”

कांग्रेस की मांगें:
मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट बनाई जाए, ताकि डिजिटल वेरिफिकेशन हो.
फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी है.
36 लाख हस्ताक्षर वाले लोगों से मिलकर जांच हो.
पोलिंग बूथ पर दी जाने वाली लिस्ट में डिलीट नाम न रहें.
पंचायत-नगरपालिका चुनाव में वोट डालने पर नाम अपने आप जुड़ना चाहिए.

दिग्विजय ने बताया कि SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में है. आधार कार्ड जोड़ने की बात है, लेकिन मौजूदा SIR में आधार नहीं मांगा जा रहा. बिहार में अल्पसंख्यकों के 24% वोट कटे. 62 लाख नाम काटे, लेकिन नाम नहीं बताए. 20 लाख नए वोटर जोड़े गए, जिन्होंने फॉर्म तक नहीं भरा.

क्या है पूरा मुद्दा?
कांग्रेस का आरोप है कि SIR के नाम पर भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर वोटर लिस्ट से विरोधी वर्गों के नाम हटा रहे हैं. खासकर गरीब, आदिवासी, अल्पसंख्यक और पलायन करने वाले मजदूर प्रभावित होंगे.
कांग्रेस ने 35 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर जुटाए, कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी, वकील तैनात किए. अब 5 करोड़ हस्ताक्षर लेकर दिल्ली में रैली और राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे. तीनों नेताओं ने एक स्वर में कहा: “SIR से डरें नहीं, लड़ें. यह संविधान और लोकतंत्र की लड़ाई है.”



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