जादुई पौधा… सेहत के लिए औषधि, कई बीमारियों का काल! खेती करने पर मिलेगा बंपर मुनाफा, जानें चिरायता के फायदे

जादुई पौधा… सेहत के लिए औषधि, कई बीमारियों का काल! खेती करने पर मिलेगा बंपर मुनाफा, जानें चिरायता के फायदे


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Chiretta Benefits: आज के समय में जब एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट आम बात हो गए हैं, ऐसे में चिरायता जैसे औषधीय पौधे प्राकृतिक इलाज का बेहतरीन विकल्प हैं. यह न सिर्फ आपकी सेहत की सुरक्षा करता है, बल्कि इसे उगाकर आप आर्थिक रूप से भी लाभ कमा सकते हैं. जानें सब…

Chirata Benefits: भारत की धरती को जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों की जननी कहा जाता है. यहां सदियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में ऐसे कई पौधों का उल्लेख मिलता है जो छोटी-बड़ी बीमारियों का इलाज बिना किसी दवा के कर सकते हैं. इन्हीं औषधीय पौधों में से एक है “चिरायता”. यह पौधा अपनी कड़वी, लेकिन असरदार प्रकृति के लिए जाना जाता है, जो शरीर से विषैले तत्वों को निकालने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है.

खंडवा जिले के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. शंकर प्रसाद वैश्य के अनुसार, चिरायता को अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों से बचाव में मददगार साबित हो सकता है. चिरायता मुख्य रूप से बुखार, पेट के कीड़े, पाचन तंत्र की कमजोरी, खांसी-बुखार और सिर दर्द जैसी समस्याओं में बहुत लाभकारी होता है.

चिरायता का पौधा एक बारहमासी जड़ी-बूटी है जो पहाड़ी इलाकों और ठंडे मौसम में आसानी से उगती है. इसका पौधा लगभग 1 से 1.5 मीटर तक ऊंचा होता है. इसके पत्ते हल्के हरे और डंठल पतले होते हैं. फूल सफेद या हल्के गुलाबी रंग के खिलते हैं. इसकी खास बात यह है कि इसे घर के आंगन या खेत में भी आसानी से उगा सकते हैं, क्योंकि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती.

औषधीय गुणों से भरपूर
डॉ. वैश्य के अनुसार, चिरायता में स्वेरटिन, अमारोगेंटिन और जेंटियोपिक्रिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इसकी कड़वाहट ही इसकी असली ताकत मानी जाती है. पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए चिरायता का काढ़ा बेहद प्रभावी है. बुखार में इसका सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित करता है. खांसी और सर्दी में इसका जूस शरीर को अंदर से गर्मी देता है और बलगम को निकालता है. सिर दर्द और थकान में इसकी पत्तियों का रस राहत देता है.

चिरायता के सेवन का तरीका
काढ़ा बनाकर: एक गिलास पानी में 5 ग्राम सूखी चिरायता डालकर उबाल लें. जब आधा पानी रह जाए तो इसे सुबह खाली पेट पिएं.
जूस के रूप में: ताजे पत्तों का रस निकालकर थोड़ा शहद मिलाकर पीने से खांसी-बुखार में तुरंत आराम मिलता है.
पाउडर बनाकर: सूखी चिरायता को पीसकर पाउडर बनाएं और एक चम्मच रोज गुनगुने पानी के साथ लें.

खेती में भी फायदेमंद
अगर आप किसान हैं तो चिरायता की खेती आपके लिए एक अच्छा बिजनेस आइडिया भी बन सकती है. यह पौधा ज्यादा सिंचाई या खाद नहीं मांगता. एक बार लगाने पर यह सालों तक उगता है. पहाड़ी और ठंडे इलाकों में इसकी मांग बहुत रहती है, क्योंकि कई आयुर्वेदिक कंपनियां चिरायता से दवाइयां बनाती हैं.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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जादुई पौधा… सेहत के लिए औषधि, कई बीमारियों का काल! खेती में मिलेगा बंपर लाभ

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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