अशोकनगर में आठ बीघा जमीन के लिए दो सगे भाइयों में विवाद हो गया। तलवार, लाठी-डंडों के हमले में मामा-भांजा और नाना की मौत हो गई। नाना और भांजे की मौके पर मौत हो गई, जबकि मामा ने भोपाल ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया।
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मामला एक ही परिवार के भीतर आठ बीघा जमीन को लेकर शुरू हुआ। 75 साल के खिलान सिंह यादव के हिस्से में यह जमीन थी। खिलान सिंह अपने बड़े बेटे राजमहेंद्र के घर रहते थे। राजमहेंद्र ने कुछ दिन पहले उसी खेत में सरसों की फसल बोई थी। बुधवार शाम खिलान सिंह का छोटा बेटा कृष्णभान अपने भांजे पवन के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत पर पहुंचा और पहले से बोए गए खेत में पंजा चलाने लगा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया।
भाई ने भाई पर, बेटे ने पिता पर किया हमला जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुई कहासुनी हिंसा में बदल गई। एक तरफ छोटे बेटे कृष्णभान और उसका भांजा पवन थे, जबकि दूसरी ओर बड़े बेटे राजमहेंद्र और उनके पिता खिलान सिंह। आरोप है कि दोनों पक्षों ने फरसा, तलवार और डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। भाई ने भाई पर, बेटे ने पिता पर और मामा ने भांजे पर हमला किया।
दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, एक ने बाद में दम तोड़ा।
दो की मौके पर मौत, तीसरे ने अस्पताल जाते समय तोड़ा दम
इस खूनी संघर्ष में पवन यादव और 75 वर्षीय खिलान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कृष्णभान यादव को इलाज के लिए रात में भोपाल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे।
मृतक कृष्णभान का शव पोस्टमार्टम के लिए अशोकनगर जिला अस्पताल लाया जा रहा है। वहीं खिलान सिंह और पवन यादव के शव रात में ही पोस्टमार्टम गृह में रखे गए थे। दोनों के पोस्टमार्टम आज किए जाएंगे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद केवल आठ बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर था।