कौन थे श्री सत्य साई बाबा? जिनकी जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुए सचिन

कौन थे श्री सत्य साई बाबा? जिनकी जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुए सचिन


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने श्री सत्य साई बाबा के पवित्र मंदिर और महासमाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, जी किशन रेड्डी भी पीएम संग नजर आए. सचिन तेंदुलकर ने इस मौके को बेहद खास बताया. आइए जानते हैं सचिन तेंदुलकर ने क्या कुछ कहा और यह भी जानेंगे कि श्री सत्य साई बाबा कौन थे.

न्यूज एजेंसी ANI ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, जी किशन रेड्डी और कुछ अन्य लोग पुट्टपर्थी में श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होते हुए नजर आ रहे हैं. कुछ फोटोज भी सामने आए हैं, जिनमें सचिन तेंदुलकर और पीएम मोदी कुछ बातचीत करते भी दिख रहे हैं.

सचिन तेंदुलकर ने क्या कहा?
सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह के खास मौके पर सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘हमारे प्रिय बाबा को मेरा हार्दिक प्रणाम. यह सचमुच एक खास पल है, और मैं आप सभी का स्वागत करता हूं, क्योंकि हम बाबा के शताब्दी वर्ष का जश्न मना रहे हैं. इस स्थान ने लाखों लोगों को सांत्वना, उद्देश्य और दिशा दी है. यहां खड़े होकर, मुझे याद आता है कि बाबा ने कितनी गहराई से हमारे जीवन को आकार दिया और हमें बेहतर इंसान बनने में मदद की. मैं केवल 5 साल का था जब मेरे आस-पास के लोग, यहां तक कि स्कूल में भी, मुझे सत्य साई बाबा जैसे बालों वाला छोटा लड़का कहते थे. मैं तब बहुत छोटा था और मानवता के लिए उनके योगदान की महत्ता को नहीं समझ पाता था. मैं उनसे पहली बार 90 के दशक में व्हाइटफील्ड में मिला था और तब से मुझे उनसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला है.’

2011 वर्ल्ड कप को किया याद
सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा, ‘मुझे याद है 2011 में, कई वर्ल्ड कप खेलने के बाद, मुझे पता था कि यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा. हम बेंगलुरु में एक कैंप लगा रहे थे और मुझे एक फोन आया और पता चला कि बाबा ने आपको अपनी किताब भेजी है. यह सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई. मुझे पता था कि यह वर्ल्ड कप हमारे लिए खास होने वाला है. इसने मुझे वो आत्मविश्वास, वो आंतरिक शक्ति दी… वह किताब मेरी हमेशा की साथी बन गई. हम सभी जानते हैं कि उसके बाद 2011 में क्या हुआ जब भारत ने मुंबई में श्रीलंका के खिलाफ खेला और ट्रॉफी अपने नाम कर ली. पूरा देश जश्न मना रहा था. यह मेरे क्रिकेट जीवन का सबसे सुनहरा पल था. मुझे नहीं लगता कि मैंने अपने करियर में ऐसा कभी अनुभव किया है जहां पूरा देश एक साथ इकट्ठा होकर जश्न मना रहा हो. यह केवल हमारे शुभचिंतकों और हमारे गुरुओं के आशीर्वाद और सबसे बढ़कर, बाबा के आशीर्वाद से ही संभव हो पाया.’

श्री सत्य साई बाबा कौन थे?
गौरतलब है कि श्री सत्य साई बाबा सबसे सम्मानित आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे, जिनके दुनिया भर में उनके लाखों अनुयायी थे. उनका जन्म 23 नवंबर, 1926 को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी गांव में सत्यनारायण राजू के रूप में हुआ था. 24 अप्रैल, 2011 को 84 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. श्री सत्य साई इंस्टीट्यूट ऑफ हायर मेडिकल साइंसेज के अनुसार, 1926 में जन्मे श्री सत्य साई बाबा ने घोषणा की थी कि वे शिरडी बाबा के रूप में फिर से आए हैं.





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