बालाघाट के कटंगी स्थित नांदी मोहगांव में हार्डवेयर व्यवसायी हेमेंद्र बिसेन और उनकी पत्नी योगिता बिसेन की हत्या के 65 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस मामले में बिसेन परिवार ने चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि घर से लाखों रुपए के जे
.
यह घटना दो महीने और पांच दिन पहले हुई थी। हत्याकांड के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। शुरुआत में पुलिस ने हेमेंद्र से अंतिम बार बात करने वाले परिचित और परिवार के सदस्यों की भूमिका की जांच पर ध्यान केंद्रित किया।
वरिष्ठ भाजपा नेता और हेमेंद्र के बड़े भाई ईश्वरीप्रसाद बिसेन ने बताया कि परिवार लगातार यह आशंका जताता रहा कि यह वारदात लूट या चोरी के इरादे से की गई हो सकती है। हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस ने इस पहलू पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया और केवल परिवार के सदस्यों की भूमिका की जांच करती रही।
ईश्वरीप्रसाद बिसेन के अनुसार, घटना के बाद घर से लगभग 100 ग्राम सोने के जेवर, 50 ग्राम चांदी के सिक्के और अन्य जेवर, साथ ही करीब 50 हजार रुपये नकद गायब थे। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने अपनी जांच में चोरी और लूट के एंगल को शामिल क्यों नहीं किया।

बिसेन परिवार इस घटना के बाद से काफी परेशान है और न्याय का इंतजार कर रहा है। ईश्वरीप्रसाद बिसेन ने बताया कि परिवार चैन की नींद नहीं सो पा रहा है। अब वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच की प्रगति जानना चाहते हैं।
ईश्वरीप्रसाद बिसेन एक बड़े भाजपा नेता हैं और संगठन के कई पदों पर रह चुके हैं। वह कृषि उपज मंडी कटंगी के अध्यक्ष और मोहगांव के सरपंच भी रहे हैं।
इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, अभी तक कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई है।
आपको बताते चले कि 13 सितंबर की रात हुए इस हत्याकांड का पता, 14 सितंबर को चला था। घर के बेडरूम में हार्डवेयर कारोबारी पति हेमेन्द्र और पत्नी योगिता का रक्तरंजित शव मिला था।