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Chana Kheti Tips: कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि चना फसल में सिंचाई सोस-समझकर करें. ऐसे समय पर सिंचाई कर देना फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचाता है. इसलिए किसानों को इस चरण में सिंचाई से बचना चाहिए. जानें सब…
Agriculture News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में हर साल बड़े पैमाने पर चने की बुवाई होती है. रबी सीजन में चना किसानों की सबसे भरोसेमंद फसल मानी जाती है, लेकिन छोटी-सी गलती भी बड़ा नुकसान करा सकती है. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि चना फसल में फूल आने की अवस्था सबसे नाज़ुक होती है. ऐसे समय पर सिंचाई कर देना फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचाता है. इसलिए किसानों को इस चरण में सिंचाई से बचना चाहिए, ताकि फसल सुरक्षित रहे. उत्पादन पर विपरीत असर न पड़े.
खरगोन में इस बार भी करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में चना बोया गया है. गेहूं और मक्का की तुलना में यह फसल कम लागत और बेहतर मुनाफा देती है, इसलिए किसानों का झुकाव लगातार बढ़ रहा है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई में की गई जरा-सी लापरवाही उत्पादन को कई गुना तक घटा सकती है. खासकर फूल आने के समय पानी देना फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है.
कब करें चना में सिंचाई?
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह बताते हैं कि चना कम पानी में भी अच्छी पैदावार देता है.जबकि, सिंचाई का सही प्रबंधन किया जाए तो उत्पादन और बढ़ जाता है. इसलिए, बुआई के बाद 20–25 दिन में पहली सिंचाई जरूरी है. यदि पानी की सुविधा उपलब्ध हो तो दूसरी सिंचाई 35–45 दिन या 40 से 45 दिन की अवस्था में की जा सकती है. लेकिन जैसे ही पौधे में फूल दिखाई देने लगें, सिंचाई बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.
नमी कम हो पर क्या करें
इस समय पानी मिलने से फूलों की ग्रोथ रुक जाती है और वे झड़ने लगते हैं, जिससे फलियां कम बनती हैं और उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. डॉ. सिंह के अनुसार किसानों को फूल आने से पहले अंतिम सिंचाई कर देनी चाहिए. अगर बाद में खेत की नमी कम दिखे और पौधों को पानी की जरूरत महसूस हो, तो तब ही सिंचाई करें जब पौधों में 75–80 प्रतिशत फलियां बन चुकी हों. इस अवस्था में पानी देने से नुकसान नहीं होता और फसल सुरक्षित रहती है.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें