RGPV के कुलगुरु ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा: SSR रिपोर्ट में फर्जीवाड़े के आरोप; ABVP का कैंपस में चल रहा था दोपहर से प्रदर्शन – Bhopal News

RGPV के कुलगुरु ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा:  SSR रिपोर्ट में फर्जीवाड़े के आरोप; ABVP का कैंपस में चल रहा था दोपहर से प्रदर्शन – Bhopal News



राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की NAAC मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवाल अब एक बड़े अकादमिक विवाद में बदल गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने A++ ग्रेड हासिल करने के लिए SSR रिपोर्ट में कई गलत

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इधर, गलत SSR रिपोर्ट के विरोध में दोपहर दो बजे से ABVP के कार्यकर्ता कुलपति के कक्ष के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। ABVP के कार्यकर्ता शिवम जाट ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा अपलोड की गई SSR रिपोर्ट में 22 गंभीर अनियमितताएं हैं।

वहीं, यह SSR रिपोर्ट NAAC टीम आने से पहले सार्वजनिक की जानी थी, लेकिन इसे 17 नवंबर को अचानक अपलोड किया गया, जो प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि यह अकादमिक भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण है।

ABVP की ओर से प्रस्तुत PPT में 20 गंभीर विसंगतियां

1. Vision Mission का मेल नहीं- SSR में लिखा Vision–Mission विश्वविद्यालय की वेबसाइट से पूरी तरह अलग पाया गया।

2. फर्जी छात्र परिषद- SSR में सक्रिय Student Council का दावा किया गया, जबकि RGPV में ऐसा कोई परिषद है ही नहीं।

3. खेल सुविधाएं सिर्फ कागजों में- SSR में बड़े स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का विवरण है, जबकि विश्वविद्यालय में ऐसी सुविधा मौजूद नहीं।

4. 300 NAAC मान्यता प्राप्त कॉलेजों का फर्जी दावा- SSR में 323 में से 300 कॉलेज NAAC मान्यताप्राप्त बताए गए, जबकि वास्तविक संख्या बेहद कम है।

5. इंटरनेट कनेक्टिविटी का झूठा दावा- SSR के विपरीत, कैंपस में Wi-Fi अत्यंत कमजोर है।

6. गैर-शिक्षण स्टाफ के गलत आंकड़े- SSR में दर्ज संख्या वास्तविक डेटा से मेल नहीं खाती।

7. ग्रीन एंड क्लीन कैंपस का झूठा दावा- नो-व्हीकल डे और प्लास्टिक प्रतिबंध का दावा किया गया, जो कभी लागू नहीं हुआ।

8. 620 करोड़ सरकारी अनुदान का झूठा उल्लेख- SSR में 620 करोड़ अनुदान बताकर बड़ा भ्रम फैलाया गया।

9. हॉस्टल सुविधाओं का गलत वर्णन- हॉस्टल सुविधाएं SSR में उत्कृष्ट बताई गईं, जबकि वास्तविकता बेहद खराब है।

10. भ्रष्टाचार में हटाए गए VC की प्रशंसा- SSR में उस VC को सराहा गया जिसे भ्रष्टाचार के आरोपों पर हटाया गया।

11. भूमि घोटाले का संकेत- SSR में RGPV की भूमि 247 एकड़ बताई गई, जबकि दूसरी जगह 241.14 एकड़ है और 53 एकड़ का बड़ा अंतर है।

12. BOS की कोई बैठक नहीं, फिर भी ‘सक्रिय’ दिखाया – पांच वर्षों में एक भी बैठक नहीं हुई।

13. NEP 2020 अनुपालन गलत बताया- SSR में NEP लागू दिखाया गया, जबकि तकनीकी शिक्षा में यह अभी लागू नहीं हुआ।

14. पेटेंट का फर्जी दावा- SSR में बढ़ी हुई पेटेंट संख्या दिखाई गई, जिनमें से एक पेटेंट नंबर MITS में पहले से दर्ज।

15. रैम्प और लिफ्ट की गलत जानकारी- SSR में सभी भवनों में सुविधा होने का दावा, जबकि केवल प्रशासनिक भवन में है।

16. महिला प्रकोष्ठ निष्क्रिय, SSR में सक्रिय दिखाया- Women’s Cell केवल कागजों पर है।

17. AQAR रिपोर्टों में भारी देरी- कई रिपोर्टें दो से तीन साल देरी से जमा की गईं।

18. संदिग्ध पीएचडी और फैलोशिप- SSR में फैकल्टी की पीएचडी संख्या बढ़ाई गई।

19. शिक्षकों की संख्या बढ़ाई- वरिष्ठता सूची में 40 शिक्षक हैं, SSR में 71 दिखाए गए।

20. अकादमिक ऑडिट का फर्जी दावा- ऑडिट होने का दावा, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं।

ABVP की तीन बड़ी मांगें

  • SSR फर्जीवाड़े में शामिल सभी दोषियों पर FIR दर्ज की जाए।
  • RGPV में तत्काल धारा 54 लागू की जाए।
  • विश्वविद्यालय को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया जाए ताकि प्रशासनिक क्षमता सुधरे

मंत्री से मुलाकात, FIR और धारा 54 लागू करने की मांग मंगलवार को ABVP प्रतिनिधिमंडल ने प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी के नेतृत्व में तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से मुलाकात की और SSR रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं से जुड़े प्रमाण सौंपे। ABVP ने कुलपति सहित संबंधित दोषियों पर तुरंत FIR, परिसर में धारा 54 लागू करने और NAAC मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी थी।

चतुर्वेदी ने कहा- SSR रिपोर्ट में कई तथ्य झूठे ABVP मध्यभारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि RGPV की SSR रिपोर्ट में कई गंभीर त्रुटियां और तथ्यात्मक झूठ शामिल हैं। यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर अकादमिक भ्रष्टाचार है। यदि सरकार तुरंत कार्रवाई नहीं करती, तो ABVP बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।

लगातार विवादों में है RGPV RGPV पर बीते कुछ समय से प्रशासनिक अव्यवस्थाएं, भर्ती अनियमितताएं वित्तीय और अकादमिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रही है। अब NAAC में A++ ग्रेड मिलने की प्रक्रिया को लेकर चल रहा फर्जीवाड़े का आरोप लगा है।



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