MP में किसान करें इन औषधि की खेती, सरकार देगी फसलों पर 50% तक सब्सिडी, जानें ये योजना

MP में किसान करें इन औषधि की खेती, सरकार देगी फसलों पर 50% तक सब्सिडी, जानें ये योजना


MP Agriculture News: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए इन दिनों बड़ा मौका है. सरकार औषधीय फसलों की खेती में किसानों को नया रास्ता दे रही है. इस दिशा में किसानों को प्रोत्साहन मिल रहा है. कई औषधीय फसलों पर 50% तक सब्सिडी दी जा रही है. यानी किसान कम खर्च में खेती शुरू कर सकते हैं और ज्यादा फायदा कमा सकते हैं. प्रदेश में लगभग 46 हजार 837 हेक्टेयर जमीन पर औषधीय फसलें उगाई जा रही हैं. इनमें सफेद मूसली, ईसबगोल, तुलसी, अश्वगंधा, कोलियस जैसी फसलें शामिल हैं, जिनकी मांग देश ही नहीं विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान इन फसलों की तरफ आएं.

क्यों बढ़ रही है औषधीय फसलों की मांग?
आजकल आयुर्वेद, हर्बल दवाइयों और प्राकृतिक उत्पादों का चलन तेजी से बढ़ा है. बड़ी कंपनियां भी लगातार इन फसलों की खरीद कर रही हैं. खास बात ये कि इन फसलों को ज्यादा पानी, खाद या कीटनाशक की जरूरत नहीं पड़ती. लागत कम आती है और बाजार में दाम अच्छे मिलते हैं. किसान भावेश पटेल बताते हैं कि खंडवा जिले के अमलपुरा और आसपास के आदिवासी इलाकों में महिलाएं और पुरुष मिलकर तुलसी, अश्वगंधा, सफेद मूसली और ईसबगोल की खेती कर रहे हैं. उनकी मानें तो इन फसलों से उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में ज्यादा मुनाफा मिल रहा है.

कौन-कौन सी फसलों पर मिल रहा लाभ?
सरकार ने कुछ फसलों को प्राथमिकता में रखा है, जिन पर विशेष सब्सिडी दी जा रही है. इसमें सफेद मूसली, ईसबगोल, तुलसी, अश्वगंधा, कोलियस अन्य चयनित औषधीय फसलें हैं. इन फसलों के बीज, पौध, ड्रिप सिस्टम, जैविक खाद व अन्य जरूरी चीजों पर 50% तक का अनुदान दिया जा रहा है.

कैसे मिलेगा सब्सिडी का फायदा?
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए प्रक्रिया बिल्कुल आसान है-
1. किसान को अपने जिले के कृषि विभाग या उद्यानिकी विभाग में संपर्क करना होता है.
2. विभाग की ओर से औषधीय फसल लगाने के लिए फार्म भरा जाता है.
3. फसल के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं.
4. खेती शुरू होने के बाद निरंतर निगरानी की जाती है ताकि उत्पादन अच्छा रहे.
5. निर्धारित शर्तें पूरी होने पर किसान को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी मिलती है.

किसानों को कैसे मिलेगा डबल मुनाफा?
औषधीय फसलों में दो बातें सबसे खास हैं
1. लागत कम लगती है.
2. बिकने का भाव ज्यादा होता है.
अगर किसान सिर्फ एक एकड़ में भी अश्वगंधा, तुलसी या ईसबगोल लगाते हैं, तो उन्हें पारंपरिक खेती की तुलना में कहीं ज्यादा लाभ मिलता है. साथ ही कंपनियों के साथ सीधे कॉन्ट्रैक्ट करने का विकल्प भी खुल जाता है.



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