चचेरे भाई ने ही रची डकैती की साजिश: तरक्की से जलन के चलते गैंग काे दी सूचना; आयुषी ज्वेलर्स गोलीकांड में बिहार-एमपी के 8 आरोपी गिरफ्तार – Mandla News

चचेरे भाई ने ही रची डकैती की साजिश:  तरक्की से जलन के चलते गैंग काे दी सूचना; आयुषी ज्वेलर्स गोलीकांड में बिहार-एमपी के 8 आरोपी गिरफ्तार – Mandla News


मंडला कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम कटरा स्थित आयुषी ज्वेलर्स में 20 नवंबर की शाम हुई डकैती और फायरिंग की वारदात का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने बिहार, इंदौर, रायसेन, बड़वानी और मंडला में छापेमारी कर 8 आरोपियों को गिरफ्ता

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जांच में सामने आया कि घटना की जड़ में ईर्ष्या और लालच था। दुकान संचालक आयुष सोनी का चचेरा भाई अनिल सोनी ही इस वारदात का मुख्य सूत्रधार बना। वह लंबे समय से बेरोजगार था और आर्थिक तंगी झेल रहा था, जबकि आयुष सोनी का परिवार दुकान व्यवसाय के कारण अच्छी स्थिति में था।

इसी ईर्ष्या के चलते अनिल ने अपराधियों को दुकान में मौजूद भारी मात्रा में जेवरात की जानकारी दी और डकैती करवाने की योजना बनाई। अनिल ने अपने परिचित रोहित भारतीय को जानकारी दी, जिसने यह सूचना आगे विष्णु शिंदे, पंकज और लवकुश तक पहुंचाई। इसके बाद पूरा गैंग मंडला में सक्रिय हुआ।

पहले 3 तस्वीरों में देखिए कैसे बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया

ज्वेलरी शॉप पर जाने से पहले कुछ सेकेंड के लिए बदमाश दुकान से पहले रुके।

जैसे ही दुकानदार बाहर निकला, बदमाशों ने बैग छीन लिया।

जैसे ही दुकानदार बाहर निकला, बदमाशों ने बैग छीन लिया।

लूट के बाद कार में बैग रखकर नकाबपोश बदमाश हाईवे से भाग निकले।

लूट के बाद कार में बैग रखकर नकाबपोश बदमाश हाईवे से भाग निकले।

तीसरी बार में लूट और फायरिंग

पुलिस के अनुसार, गैंग ने पहली कोशिश 13 नवंबर को की थी। इंदौर से आए आरोपी आयुष सोनी के घर तक पहुंचे थे, लेकिन इलाके में ज्यादा हलचल देखकर वापस लौट गए। दूसरा प्रयास 19 नवंबर को हुआ, लेकिन उस दिन भी दुकान बंद मिली। तीसरा और सफल प्रयास 20 नवंबर की शाम किया गया।

स्टाफ के सिर पर पिस्टल रखकर कहा- बैग छोड़ दो

कटरा मंडला स्थित हनुमान मंदिर के सामने आयुषी ज्वेलर्स में अक्षांश सोनी और उनके भाई आयुष सोनी व्यवसाय करते हैं। दुकान में बॉबी यादव कर्मचारी के रूप में काम करता है।

रोज की तरह दुकान बंद करने के लिए सोना-चांदी के आभूषण दो बैग में रखकर बॉबी दुकान के सामने खड़ी कार में रखने जा रहा था। उसी समय मंडला की ओर से एक ग्रैंड विटारा कार तेजी से आकर रुकी। कार से तीन हथियारबंद अपराधी उतरे, जबकि चालक कार में ही बैठा रहा।

दुकान के बाहर बिखरा खून। बदमाशों की गोली से दुकानदार घायल हुआ था।

दुकान के बाहर बिखरा खून। बदमाशों की गोली से दुकानदार घायल हुआ था।

अपराधियों में से एक ने बॉबी के सिर पर पिस्टल सटाकर बैग वहां रखने के लिए कहा। डर से बॉबी ने बैग छोड़ दिया। इसके बाद एक अपराधी दुकान में घुसा और आयुष से दुकान में रखा पूरा सोना-चांदी निकालने के लिए कहा।

वह सोने-चांदी के आभूषण काे लूटने लगा, जिसका आयुष ने विरोध किया। इस पर अपराधी ने पिस्टल से उसके बाएं पैर के घुटने के नीचे गोली मार दी। आयुष खून से लथपथ होकर गिर गया। इसके बाद अपराधी बैग उठाकर कार फरार हो गए। घायल आयुष को बॉबी और अक्षांश का जिला अस्पताल में इलाज हुआ।

पुलिस ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जंगल में छुपाए जेवर और हथियार वारदात के बाद आरोपी सेमरखापा मार्ग से जंगल की ओर भागे। पुलिस चेकिंग की जानकारी मिलने पर उन्होंने जेवर और हथियार अलग-अलग स्थानों पर छुपा दिए और फिर विभिन्न साधनों से जबलपुर की ओर निकल गए। बाद में आशु, धर्मेंद्र, इरफान और अजहर छुपाया गया माल निकालने वापस लौटे।

200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, देशभर में दबिश

तकनीकी विश्लेषण और 200 से अधिक CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध वाहनों की पहचान की गई। पुलिस ने 8 टीमें बनाईं और विभिन्न राज्यों में भेजा, जिसके बाद 72 घंटे के भीतर गैंग का बड़ा हिस्सा पकड़ा गया।

बिहार से गिरफ्तार आरोपी

  • खालिद अंसारी,
  • शशि कुमार,
  • कृष्णा उर्फ रामकृष्ण

इनके पास से ग्रैंड विटारा कार, मोबाइल और जंगल में छुपाए गए जेवर बरामद हुए।

मध्यप्रदेश से गिरफ्तार आरोपी

  • मो. अजहर (इंदौर),
  • राजेश ठाकुर (बड़वानी),
  • लवकुश गौर (रायसेन),
  • रोहित भारतीय (मंडला),
  • अनिल सोनी (मंडला)

इनके पास से अर्टिगा कार, जेवर, बैग और मोबाइल बरामद किए गए। वारदात में कुल 14 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 6 अब भी फरार है।

साजिशकर्ता को भी दिया धोखा

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि डकैती होने के बाद जब अनिल ने अपराधियों से संपर्क किया, तो उन्होंने घटना करने से ही इनकार कर दिया। इस तरह वह भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

पुलिस टीम की सराहना

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा के निर्देशन में एसडीओपी पियूष मिश्रा, निरीक्षक शफीक खान, जयसिंह यादव, के.जी. जगाती, राजेंद्र बिसेन, उपनिरीक्षक पुनीत बाजपेयी, संजीव उइके, साइबर सेल और कोतवाली टीम ने मिलकर कम समय में इस बड़े मामले को सुलझाया।



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