कौन है लैंप बेचने वाला तेजस्वी जायसवाल, जिसने क्रिकेट मैदान पर मचाई सनसनी? भारत के खूंखार ओपनर से है कनेक्शन

कौन है लैंप बेचने वाला तेजस्वी जायसवाल, जिसने क्रिकेट मैदान पर मचाई सनसनी? भारत के खूंखार ओपनर से है कनेक्शन


Who is Tejaswi Jaiswal: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में एक से बढ़कर पारियां देखने को मिल रही हैं. बड़े खिलाड़ी तो रन बना ही रहे हैं, साथ में अनजान क्रिकेटरों ने भी प्रभावित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी है. इसी क्रम में तेजस्वी जायसवाल ने अहमदाबाद में उत्तराखंड के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025/26 के मैच में त्रिपुरा के लिए खेलते हुए अपना पहला टी20 अर्धशतक लगाया. पिछले साल ही त्रिपुरा से जुड़ने वाले इस खिलाड़ी ने अपने तीसरे टी20 मैच में ही धमाल माच दिया.  इस सीजन में यह उनका पहला मुकाबला था. 

तेजस्वी की जबरदस्त पारी

पावरप्ले के आखिर में श्रीदम पॉल (22 गेंदों पर 43 रन) के आउट होने के बाद नंबर 3 पर आए तेजस्वी ने अर्धशतकीय पारी खेली. अनुभवी बल्लेबाज हनुमा विहारी, विजय शंकर और कप्तान मणिशंकर मुरासिंह के साथ बैटिंग करते हुए उन्होंने टीम को संभाला. वह 37 गेंदों में 51 रन बनाकर आउट हो गए. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी की पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल थे. इस अर्धशतकीय पारी के बावजूद उनकी टीम नहीं जीत पाई. त्रिपुरा ने 20 ओवरों में 6 विकेट पर 163 रन बनाए. उत्तराखंड ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 167 रन बनाकर मैच को जीत लिया.

Add Zee News as a Preferred Source


कौन हैं तेजस्वी जायसवाल?

तेजस्वी टीम इंडिया के युवा स्टार यशस्वी जायसवाल के बड़े भाई हैं. संयोग जिस दिन उन्होंने पहला अर्धशतक लगाया, उसी दिन यशस्वी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तन में अपना पहला वनडे शतक ठोका. मुंबई की एक छोटी सी चॉल में रहने वाले दो भाई सिर्फ एक छत ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के लिए भी एक ही जुनून रखते थे. तेजस्वी और यशस्वी ने अपना बचपन धूल भरी सड़कों पर खेलते हुए बिताया और एक दिन मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में खेलने का सपना देखा, लेकिन उन्हें जल्द ही पता चल गया कि सपने सस्ते नहीं होते. जैसे-जैसे लड़के बड़े हुए, उनका टैलेंट और खर्चे भी बढ़े. क्रिकेट किट, कोचिंग फीस और आने-जाने का खर्च बढ़ता गया. उनके परिवार की मामूली कमाई से मुश्किल से एक खिलाड़ी का गुजारा हो पाता था, दो की तो बात ही छोड़ दें. एक शाम तेजस्वी ने चुपचाप फैसला किया. बिना किसी ड्रामे या शिकायत के बड़े भाई ने दिल्ली के लिए अपना बैग पैक किया और यशस्वी के लिए मुंबई और अपने क्रिकेट के सपने पीछे छोड़ दिए.

 

fallback

लैंप बेचने का किया काम

दिल्ली में तेजस्वी की जिंदगी बहुत अलग हो गई. जहां यशस्वी मुंबई की तेज रोशनी में ट्रेनिंग कर रहे थे, वहीं तेजस्वी एक दुकान पर लंबे समय तक काम करते थे. ग्राहकों को फैंसी लैंप बेचते थे. उनके हाथ  कभी क्रिकेट बैट पकड़ने के आदी थे, अब बिल और कैश संभालते थे. लेकिन हर महीने उनकी कमाई का एक हिस्सा मुंबई जाता था ताकि वह अपने भाई के लिए बेहतर सामान खरीद सके और बेहतर कोचिंग ले सके.  इस बीच,उम्र में धोखाधड़ी की अफवाहों ने तेजस्वी के खेलने की दूर की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया. लड़ने के बजाय वह और पीछे हट गए, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि यशस्वी के बढ़ते करियर पर कोई असर पड़े.

ये भी पढ़ें: ​Explained: लाल, सफेद या पिंक बॉल… सबसे खतरनाक कौन? 250 साल में ऐसे बदली बॉल की कहानी

यशस्वी बने स्टार, तेजस्वी की क्रिकेट में वापसी

साल बीतते गए और यशस्वी नेशनल सेंसेशन बन गए. उनके बल्ले से रन बन रहे थे और रिकॉर्ड टूट रहे थे. दुनिया ने इस युवा टैलेंट के लिए तालियां बजाईं. कुछ ही लोग उस भाई को याद करते हैं जिसने यह सब मुमकिन बनाया. 2023 के बाद तेजस्वी ने क्रिकेट में फिर से एंट्री ली और अब त्रिपुरा के लिए खेलते हैं. वह लड़का जिसने कभी अपना सपना छोड़ दिया था, अब उसे जी रहा है. उन्होंने छोटे भाई के सफल होने के बाद अपने सपने को जिंदा किया और क्रिकेट ग्राउंड पर फिर से कदम रख दिया.

fallback

 

ये भी पढ़ें: कौन होगा राजस्थान रॉयल्स का कप्तान? सामने आए 4 बड़े दावेदारों के नाम, IPL में मचाते हैं तूफान

तेजस्वी का रिकॉर्ड

2024 में त्रिपुरा से जुड़ने के बाद तेजस्वी ने अब तक उत्तराखंड के खिलाफ मैच सहित सभी फॉर्मेट में टीम के लिए नौ मैच खेले हैं. उन्होंने 2024/25 रणजी ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया और सात पारियों में 23.42 की औसत से 164 रन बनाकर सीजन खत्म किया.  उन्होंने अब तक सिर्फ एक लिस्ट A मैच खेला है. यह मैच विजय हजारे ट्रॉफी 2024/25 में केरल के खिलाफ था. उस मैच में ओपनिंग करते हुए उन्होंने बेसिल थम्पी का शिकार होने से पहले 40 गेंदों में 23 रन बनाए थे.



Source link