महाकाल की नगरी में हनुमान अष्टमी की धूम, ये हैं उज्जैन के चमत्कारी हनुमान मंदिर, जिनकी कहानी है अद्भूत

महाकाल की नगरी में हनुमान अष्टमी की धूम, ये हैं उज्जैन के चमत्कारी हनुमान मंदिर, जिनकी कहानी है अद्भूत


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Hanuman Ashtami Ujjain: हनुमान अष्टमी का पर्व उज्जैन में धूमधाम से मनाया गया. इस दिन हनुमान जी के भक्त उनके दर्शन करने और उनकी भक्ति में लीन होने के लिए उज्जैन आते हैं. मान्यता है कि हनुमान जी ने अपने भक्तों को दर्शन देने और उनके कष्टों को हरने के लिए उज्जैन में रहने का वचन दिया है, इसलिए यह पर्व मुख्य रूप से उज्जैन में ही मनाया जाता है.

विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में हर पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. शुक्रवार को उज्जैन में हनुमान अष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया. सुबह से ही मंदिरों में विशेष पूजन पाठ के साथ हनुमान जी के जयकारे लगाए जा रहे हैं. साथ ही कई मंदिरों में रामचरित्र मानस की चौपाई, सुंदरकांड, भजन-कीर्तन चालू हो चुके हैं. आज हम उज्जैन के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली है.

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महाकाल की नगरी मे हर पर्व की शुरुआत उज्जैन के राजा भगवान महाकाल के दरबार से ही शुरूआत होती है. इसी कड़ी मे भगवान महाकाल का आज हनुमान जी स्वरूप मे भस्म आरती मे अद्भुत श्रंगार किया गया. भस्म आरती मे जय महाकाल के जयकारे के साथ जय श्री महाकाल के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा.

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हनुमान अस्टमी के पावन पर्व पर डाबा रोड स्थित गेबी साहब हनुमान जी का विशेष श्रंगार किया गया. यह मंदिर की ख्याति दूर दूर तक फैली है. यहा दर्शन मात्र से भक्तो के कस्ट दूर हो जाते है. मंदिर मंगलवार शनिवार पूजन करने से होती है सभी मान्यता पुण होती है. इतना ही नही बजरंगबली को रोजाना हिंगलू यानी लाल रंग और चमेली के तेल से श्रृंगार किया जाता है. यहां गुड़-चना चढ़ाने से भगवान प्रसन्न हो जाते हैं. मंदिर से अभिमंत्रित किया हुआ काला धागा पहनने से बुरी नजर नहीं लगती. खासकर बच्चों को लेकर माता-पिता भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं. यह देश में पहला स्थान है, जहां हनुमानजी का श्रृंगार हिंगलू और चमेली के तेल से होता है.

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इतना ही नही श्री गेबी हनुमान के लाखों भक्त हैं. महानायक अमिताभ बच्चन भी साल में लगभग 12 से 15 बार गेबी हनुमान की फोटो अपने ट्विटर पर अपलोड करते हैं और अपनी आस्था व्यक्त करते हैं. पंडित जी ने बताया कि वैसे तो अमिताभ बच्चन कभी खुद मंदिर नहीं आए हैं, लेकिन उनके एक मित्र ने कोरोना के समय मन्नत मांगी थी कि वह स्वस्थ हो जाएं. उसके बाद से अमिताभ बच्चन गेबी हनुमान के भक्त हो गए. यहां उनके द्वारा श्रृंगार भी कराया जाता है. पंडित जी ने बताया कि वह खुद हर अष्टमी और जयंती पर अमिताभ के पास गेबी हनुमान के श्रृंगार की फोटो भेजते हैं और बच्चन साहब उसे ट्वीट करते हैं.

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महाकाल वन में बाल हनुमान का अति प्राचीन मंदिर है. यहा पर हनुमान अष्टमी पर विशेष श्रृंगार किया गया. बाल हनुमान मंदिर पर बाबा को संध्या आरती के समय दूध व बेसन के लड्डू का भोग लगाने की मान्यता है. बाल स्वरूप में विराजित है इसलिए यह भोग लगाया जाता है. इतना ही नही श्रीराम कथा व्यास सुलभ शांतु महाराज ने बताया कि नौ दिवसीय महोत्सव की शुरुआत 4 दिसंबर को अखंड रामायण पाठ से हुई थी. 11 दिसंबर को हनुमान अष्टमी की पूर्व संध्या पर श्री बाल हनुमान का दिव्य शृंगार किया गया.

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महाकाल की नगरी मे यह मंदिर पिपली नाका स्थित गुमानदेव हनुमान का प्राचीन मंदिर है. बाबा का हनुमान अष्टमी पर विशेष श्रृंगार किया गया. यह मंदिर की ऐसी मान्यता है यहां दर्शन करने से भूत प्रेत संबंधित बड़ा का नाश होता है. पं.व्यास के अनुसार गुमान का अर्थ है घमंड, अर्थात घमंड का नाश करने वाले देवता गुमानदेव हनुमान है. मान्यता है इस मंदिर में सच्चे मन से मुराद मांगने पर भगवान अवश्य ही भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं. गुमानदेव हनुमान का दर्शन समस्त कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला बताया गया है.

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हनुमान अस्टमी पर खडे हनुमान का भी विशेष श्रंगार किया गया. उज्जैन के खड़े हनुमान जी का महत्व अद्वितीय है. यह प्रतिमा ब्राह्मण स्वरूप में है, जिसमें हनुमान जी जनेऊ धारण किए हुए हैं, दाढ़ी-मूंछ है और हाथ जोड़े हुए हैं. यह विश्व में अपनी तरह की एकमात्र प्रतिमा मानी जाती है. इसके महत्व के कई कारण हैं. बच्चों को बुरी नज़र से बचाने के लिए यहा तावीज बांधा जाता है. इसके लिए रोजाना सैकड़ो लोग पहुंचते है.

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महाकाल की नगरी मे इन दिनों अर्जी वाले हनुमान काफ़ी चर्चा मे है. हनुमान अस्टमी पर सुबह से ही यहा विशेष पूजन-पाठ के साथ सुन्दर कांड चल रहा है. यह मंदिर उज्जैन की बड़नगर रोड स्थित मोहनपुरा के पास है. यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामना चिठ्ठी लिखकर मांगते है. और मंदिर के पुजारी दुवारा भक्तो की चिठ्ठी हनुमान जी को सुनाई जाती है. इसलिए दूर-दूर से भक्त या दर्शन करने आते हैं.

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ये हैं उज्जैन के चमत्कारी हनुमान मंदिर, जिनकी कहानी है अद्भूत



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