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बीएमसी को 16 साल बाद न्यूरो सर्जरी विभाग की स्वीकृति के साथ तीन न्यूरो सर्जन के पद की स्वीकृति मिल गई है। गुरुवार को मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह आदेश जारी कर दिया है। बीएमसी प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही प्राध्यापक, सह प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक की पदस्थापना के साथ न्यूरो सर्जरी विभाग में सुपर स्पेशलिटी की शुरुआत हो जाएगी।
इससे सागर सहित पूरे संभाग के लोगों को फायदा होगा। डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि बीएमसी संभाग का पहला सरकारी संस्थान होगा, जहां लोगों को न्यूरो के इलाज की सुविधा मिलेगी। मरीज को गोल्डन ऑवर में ही इलाज मिल सकेगा, जिससे उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाएगी। न्यूरो सर्जन न होने से हर माह औसत 35 मरीजों को भोपाल रेफर किया जा रहा था, जिसमें से 10 की रास्ते में ही मौत हो जाती थी। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों से यह संभव हुआ है।