भूल जाएंगे बाजार की मिठाई, सर्दियों में ट्राई करें बघेलखंडी हेल्दी खजूरपाक

भूल जाएंगे बाजार की मिठाई, सर्दियों में ट्राई करें बघेलखंडी हेल्दी खजूरपाक


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Kajorpak Recipe: सर्दियों में मिठाई खाने का मन हो और सेहत से समझौता न करना पड़े तो बघेलखंड का देसी खजूरपाक सबसे बेहतर विकल्प बनता जा रहा है. खास बात यह है कि यह खजूरपाक सिर्फ 15 मिनट में घर पर तैयार हो जाता है और स्वाद में हलवाई की मिठाइयों को भी पीछे छोड़ देता है. देसी घी, खजूर और मेवों से बना यह पकवान ठंड में शरीर को गर्म रखने के साथ भरपूर ऊर्जा भी देता है.

सतना: कड़ाके की ठंड पड़ते ही जब शरीर सुस्ती और कमजोरी महसूस करने लगता है तब बघेलखंड की रसोई से निकलने वाला एक पौष्टिक और देसी स्वाद फिर से चर्चा में आ जाता है. देसी घी की खुशबू, खजूर की प्राकृतिक मिठास और मेवों की ताक़त से भरपूर यह व्यंजन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखने का आज़माया हुआ नुस्खा भी है. खास बात यह है कि खजूरपाक किसी लंबी प्रक्रिया का मोहताज नहीं बल्कि महज 15 मिनट से आधे घंटे में घर पर तैयार हो जाता है और यही वजह है कि ठंड के मौसम में यह बघेलखंडी घरों की पहली पसंद बनता जा रहा है.

बघेलखंड की परंपरा और सेहत का मेल
स्थानीय वृद्धों की माने तो खजूरपाक सिर्फ एक मिठाई नहीं बल्कि बघेलखंड की पारंपरिक खानपान संस्कृति का अहम हिस्सा है. पहले के समय में जब सप्लीमेंट्स या एनर्जी ड्रिंक्स नहीं होते थे तब सर्दियों में शरीर को मज़बूत रखने के लिए ऐसे ही देसी पकवान बनाए जाते थे. लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय निवासी मीणा द्विवेदी बताती हैं कि खजूरपाक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है और सर्दी के मौसम में इसे नियमित रूप से खाने की परंपरा रही है.

खजूरपाक क्यों है सर्दियों के लिए खास
खजूर की तासीर गर्म मानी जाती है जो ठंड में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट देती है. इसमें मौजूद आयरन खून की कमी दूर करने में सहायक होता है
वहीं विटामिन बी-6 थकान और कमजोरी को कम करता है. खजूर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स इम्युनिटी को मज़बूत बनाते है जिससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव होता है. साथ ही इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. जब इसमें बादाम, काजू और पिस्ता जैसे मेवे मिलते हैं तो यह शरीर को स्वस्थ वसा और प्रोटीन भी प्रदान करता है

15 मिनट में तैयार होने वाली ताक़त
खजूरपाक बनाने की विधि बेहद आसान है. सबसे पहले खजूर के बीज निकालकर उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है. एक पैन में देसी घी गर्म कर उसमें कटे हुए बादाम, काजू, पिस्ता आदि मेवे डालकर धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भून लिया जाता है. इसके बाद उसी पैन में खजूर डालकर 5 से 7 मिनट तक पकाया जाता है जब तक वे नरम और चिपचिपे न हो जाएं. फिर भुने हुए मेवों को इसमें मिलाकर अच्छे से मिश्रण तैयार किया जाता है.

तैयार मिश्रण को घी लगी ट्रे में फैलाकर रोल या बर्फी का आकार दिया जाता है. ठंडा होने पर इसे काटकर परोसा जाता है. सर्दियों में सुबह या शाम एक दो टुकड़े खजूरपाक खाने से शरीर में तुरंत ऊर्जा महसूस होती है. यही वजह है कि खजूरपाक आज सिर्फ एक व्यंजन नहीं बल्कि बघेलखंड की पहचान और देसी सेहत का भरोसेमंद सहारा बन चुका है.

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Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

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