इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने आदेश जारी किए हैं।
इंदौर के इंडस्ट्रियल एरिया में आगजनी और हादसों के चलते प्रशासन ने अहम निर्णय लिए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि इंडस्ट्रियल सुरक्षा मानकों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
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कलेक्टर ने बताया कि हाल ही में अलग-अलग इंडस्ट्रीज में स्प्रेड पॉइंट और अन्य सुरक्षा संबंधित कमियां सामने आई हैं, जिससे कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। इसके चलते अनसेफ फैक्ट्रियों को सील किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों का बार-बार उल्लंघन करने वाली इकाइयों को बंद करने की कार्रवाई जारी है।
कई इकाइयों को सुधार के लिए अवसर भी दिए गए, ताकि वे फायर सेफ्टी, इमरजेंसी मैनेजमेंट और केमिकल हैंडलिंग की मानक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर सकें। अपर कलेक्टर (ADM) स्तर पर सभी कार्रवाई की निगरानी की जाएगी। हर टीएल बैठक में समीक्षा होगी।
बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय, उप संचालक औद्योगिक सुरक्षा हर्ष चतुर्वेदी सहित औद्योगिक सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम की फायर टीम और मेजर हैजर्ड श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों के संचालक उपस्थित रहे।
कलेक्टर वर्मा ने दिए निर्देश
- विशेष दल बनाकर सभी खतरनाक (Hazardous) इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां मॉकड्रिल भी की जाएगी।
- इंडस्ट्रीज में सुरक्षा संबंधी जानकारी और मानकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- कर्मचारियों और प्रबंधन को सुरक्षा नियमों के प्रति और अधिक जागरूक किया जाएगा।
- सभी औद्योगिक इकाइयों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सुरक्षा ऑडिट कराना होगा।
- सुरक्षा मानकों एवं मापदंडों का पालन न करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- निर्धारित समय-सीमा में कमियां दूर न करने पर संबंधित कारखानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- घटनाओं पर तत्काल एक्शन के लिए रिस्पांस दल भी बनाए जाएंगे।