2026 से पहले जान लें हिंदू नववर्ष का रहस्य,चैत्र से क्यों शुरू होता है नया साल

2026 से पहले जान लें हिंदू नववर्ष का रहस्य,चैत्र से क्यों शुरू होता है नया साल


उज्जैन. अक्सर देखा जाता है जैसे ही नए वर्ष की शुरुआत होती है. वैसे ही खुशी से चेहरा खिलखिलाने लग जाता है. अभी कुछ ही समय मे अंग्रेजी कैलेंडर का अंतिम माह दिसम्बर समाप्त हो जाएगा. और 2026 की शुरुआत हो जाएगी. लेकिन क्या आप जानते है हिन्दुओ का नया साल अलग होता है. आखिर ऐसा कैसे सम्भव है आइए जानते है उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से कि हिन्दू नववर्ष की शुरुआत कब से होंगी. और इस महीने कौनसे माह को किस नाम से जाना जाएगा.

दरसल अंग्रेजी कैलेंडर के जनवरी, फरवरी, मार्च, ये तो छोटे-छोटे बच्चों को भी याद होते हैं. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि बहुत से बड़े भी हिंदी के 12 महीनों के नाम ठीक से नहीं बता पाते. कई लोग ऐसे हैं जो अंग्रेजी भाषा नहीं जानते, पर अंग्रेजी कैलेंडर के महीनों के नाम खूब आत्मविश्वास से बोल देते हैं. वहीं दूसरी ओर, कुछ लोगों को भले ही हिंदी के महीनों के नाम याद हों, लेकिन यह जानकारी नहीं होती कि उन महीनों की शुरुआत और अंत कब होता है. यदि आप भी इस उलझन में हैं, तो जानते है विस्तार से.

हिंदू नववर्ष कब शुरू होता है?

हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि से होती है. यह महीना हिंदी कैलेंडर का पहला और सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है. फाल्गुन के बाद जब चैत्र आता है, तब नए वर्ष की शुरुआत मानी जाती है. इसी दिन कई स्थानों पर गुड़ी पड़वा, उगाड़ी और नव संवत्सर जैसे पर्व मनाए जाते हैं.

अब जानते हैं हिंदी कैलेंडर के 12 महीनों और उनकी अवधि के बारे में
1. चैत्र – हिंदू नववर्ष इसी महीने से शुरू होता है. यह लगभग मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक रहता है. इसी माह की शुरुआत में चैत्र नवरात्रि का शुभ पर्व आता है.

2. वैशाख – हिंदी वर्ष का दूसरा महीना यह अप्रैल के मध्य से मई के मध्य तक चलता है. इसे खेती और मौसम दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है.

3. ज्येष्ठ – तीसरा महीना, जिसमें गर्मी अपने चरम पर होती है. इसकी अवधि मई के मध्य से जून के मध्य तक रहती है.

4. आषाढ़ – यह महीना जून के मध्य से जुलाई के मध्य तक चलता है. आषाढ़ के साथ ही मानसून दस्तक देने लगता है और पहली बारिश की खुशबू वातावरण में फैल जाती है।म.

5. श्रावण (सावन) – हिंदी कैलेंडर का पाँचवाँ और बेहद पवित्र महीना. यह जुलाई के मध्य से अगस्त के मध्य तक रहता है. सावन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है.

6. भाद्रपद (भादो) – यह महीना अगस्त के मध्य से सितंबर के मध्य तक रहता है. इस दौरान तीज, गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं.

7. अश्विन – अश्विन मास सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक चलता है. इसी महीने में शारदीय नवरात्रि और दशहरा जैसे त्योहार आते हैं. मौसम भी हल्की ठंड की ओर बढ़ने लगता है.

8. कार्तिक – हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र महीना, जो अक्टूबर के मध्य से नवंबर के मध्य तक होता है. इसी महीने भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं और दीपावली का उत्सव मनाया जाता है.

9. मार्गशीर्ष (अगहन) – यह महीना नवंबर के मध्य से दिसंबर के मध्य तक चलता है. इसे धार्मिक और किसानों दोनों के लिए महत्वूपर्ण माना जाता है.

10. पौष – पौष की अवधि दिसंबर के मध्य से जनवरी के मध्य तक रहती है. इस समय ठिठुराती सर्दी अपने चरम पर होती है.

11. माघ – यह महीना जनवरी के मध्य से फरवरी के मध्य तक चलता है. माघ में स्नान और दान का विशेष महत्व माना गया है.

12. फाल्गुन – हिंदू वर्ष का आखिरी महीना, जो फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक रहता है. इसी महीने में रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है.



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