आरोपी को खंडवा पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लिया है।
खंडवा कोर्ट में बतौर सरकारी वकील प्रैक्टिस कर रही एक महिला वकील सोशल मीडिया के जाल में फंस गई। आरोपी ने खुद को राजस्थान हाईकोर्ट का जज बताकर महिला वकील से दोस्ती की और शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक उसका शारीरिक शोषण किया।
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जब सच्चाई सामने आई कि वह कोई जज नहीं, बल्कि उदयपुर का एक लॉ स्टूडेंट है, तो पीड़िता के होश उड़ गए। महिला वकील की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।
मिलने के लिए खंडवा आता था, 1 साल तक चला अफेयर
खंडवा की रहने वाली 30 वर्षीय पीड़ित वकील ने बताया कि सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती उदयपुर निवासी जयकिशन (29) से हुई थी। जयकिशन ने अपनी प्रोफाइल और बातचीत में खुद को राजस्थान हाईकोर्ट का जज बताया था। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
रिलेशनशिप के दौरान आरोपी अक्सर महिला वकील से मिलने खंडवा आता था। उसने शादी का वादा किया और इसी झांसे में रखकर वह लगातार दुष्कर्म करता रहा। यह सिलसिला करीब एक साल तक चला। जब वकील को उसकी असलियत पता चली कि वह अभी लॉ की पढ़ाई कर रहा है, तो उसने कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
राजस्थान में 15 लड़कियों को फंसा चुका है
पुलिस की शुरूआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी जयकिशन एक सीरियल धोखेबाज है। उसने सोशल मीडिया के जरिए राजस्थान में भी 15 से ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसाया है।
वह लड़कियों को कभी बड़ा अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का झांसा देता, तो कभी शादी का वादा कर उनका शारीरिक शोषण करता था। हालांकि, बदनामी के डर से अब तक किसी भी लड़की ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं की थी। खंडवा पुलिस अब रिमांड के दौरान उससे पूछताछ करेगी और उसकी पूरी प्रोफाइल राजस्थान पुलिस के साथ शेयर करेगी।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज, 10 साल तक की हो सकती है सजा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इन धाराओं का आधार भी स्पष्ट किया है…
- दुष्कर्म (BNS धारा 69): आरोपी ने शादी का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाए, जबकि उसका इरादा शादी करने का नहीं था। इस धारा के तहत धोखे से ली गई सहमति को कानूनी संरक्षण नहीं मिलता। इसमें 10 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
- जबरन वसूली (BNS धारा 308): जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पीड़िता को डरा-धमकाकर पैसों की मांग भी की। धारा 308(5) के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी को गंभीर चोट या मृत्यु का भय दिखाकर वसूली करता है, तो उसे 10 साल तक की सजा हो सकती है।
- धमकी देना (BNS धारा 351): आरोपी ने पीड़िता को व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से जान से मारने और बदनाम करने की धमकियां दीं। इस अपराध के लिए 2 साल तक की कैद का प्रावधान है।
- मारपीट (BNS धारा 115-2): रिलेशनशिप के दौरान विवाद होने पर आरोपी ने महिला वकील के साथ मारपीट भी की थी। इसके लिए भी उस पर केस दर्ज किया गया है।