कड़ाके की ठंड के बीच मंगलवार सुबह भोपाल दो घंटे तक घने कुहासे और धुंध की चादर में लिपटा रहा। तड़के से ही सड़कों, कॉलोनियों और खुले इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही, जिससे शहर में सुबह की रफ्तार सुस्त नजर आई।
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जल्दी दफ्तर जाने वाले लोग, स्कूल बसें और मॉर्निंग वॉक पर निकले नागरिक अतिरिक्त सतर्क दिखाई दिए। मौसम विभाग के अनुसार सुबह 7 से 8 बजे के बीच विजिबिलिटी महज 1200 मीटर तक दर्ज की गई।
दिन में धूप के बावजूद आसमान पूरी तरह साफ नहीं
8 से 9 बजे… दृश्यता में हल्का सुधार हुआ और यह करीब 1500 मीटर तक पहुंची। पर ठंड का असर बना रहा। सुबह कई हिस्सों में आसमान में ग्रे रंग के पैच नजर आए।
ठिठुरन बढ़ी… ऊंची इमारतों और खुले मैदानों से यह नजारा ज्यादा स्पष्ट दिखाई दिया। हल्की धूप के बावजूद आसमान पूरी तरह साफ नहीं हो पाया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई।
आगे क्या : अगले कुछ दिन सुबह-शाम ऐसी धुंध मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम ठंड और हल्की धुंध का असर बना रह सकता है। ऐसे मौसम में सांस के मरीज, बुजुर्ग और बच्चे सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें। ठंड और धुंध के कारण गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है।
ये नमी- ठंडी हवा का प्रभाव मौसम विशेषज्ञ डॉ. जीडी मिश्रा के अनुसार रात में पारा तेजी से गिरता है, तो जमीन के पास की हवा ठंडी और भारी हो जाती है। इसमें मौजूद नमी सूक्ष्म जलकणों में बदल जाती है, जो कुहासे और धुंध का रूप ले लेती है। सुबह हल्की धूप निकलने पर ये कण पूरी तरह उड़ नहीं पाते, बल्कि बादलों जैसे टुकड़ों जैसे दिखते हैं, जिन्हें ग्रे पैचेस कहते हैं।