इंदौर में जहरीले पानी से मौतों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, 3 PIL दाखिल, जानें कब होगी सुनवाई

इंदौर में जहरीले पानी से मौतों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, 3 PIL दाखिल, जानें कब होगी सुनवाई


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Indore Water Contamination Death: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत और 200 से ज्यादा लोगों के बीमार होने का मामला अब पूरी तरह न्यायिक मोड़ ले चुका है. इस गंभीर लापरवाही को लेकर हाई कोर्ट में एक के बाद एक जनहित याचिकाएं दायर की जा रही हैं, जिस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है.

भागीरथपुरा पानी कांड पर हाईकोर्ट की कड़ी नजर

मिथिलेश गुप्ता/इंदौर. इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले ने अब न्यायिक रूप ले लिया है. इस गंभीर घटना को लेकर हाई कोर्ट में लगातार जनहित याचिकाएं दायर की जा रही हैं. आज इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, वहीं एक नई जनहित याचिका पर भी अदालत ने सख्त रुख अपनाया है.

दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का मामला सामने आया था. इस मामले में 31 दिसंबर को हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं. पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी की ओर से लगाई गई थी, जबकि दूसरी याचिका पूर्व पार्षद महेश गर्ग और कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी की ओर से दायर की गई थी, जिसमें पैरवी अधिवक्ता मनीष यादव ने की. जिसमें 31 दिसंबर को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नगर निगम को अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज कराने और क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे.

अगली सुनवाई 19 जनवरी को
इन्हीं आदेशों के पालन में आज 2 जनवरी को नगर निगम की ओर से स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश की गई. वहीं आज इस मामले में एक तीसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट में दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को नोटिस जारी किए हैं. तीसरी याचिका पर अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी, जबकि पहले से दायर दो जनहित याचिकाओं पर 6 जनवरी को सुनवाई निर्धारित की गई है.

मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग
मामले में अधिवक्ता मनीष यादव की ओर से अदालत के सामने यह मांग रखी गई कि मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाई जाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में केवल चार मौतों का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक हैं. ऐसे में एक विस्तृत और तथ्यात्मक स्टेटस रिपोर्ट पेश किए जाने की भी मांग की गई है. फिलहाल हाई कोर्ट इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में इस पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

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