1 जनवरी को प्रयाग सीमा पर रीवा से 40 किलोमीटर दूर लगे लंबे जाम ने एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रयागराज में होने वाले माघ मेला-2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
.
कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज-रीवा मार्ग पर लगे लंबे जाम और बिगड़ी यातायात व्यवस्था से सबक लेते हुए इस बार माघ मेले से पहले ही तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन का साफ मानना है कि यदि माघ मेले में भी कुंभ जैसी वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, तो हालात संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि प्रशासन की तैयारियों का रियलिटी चेक तो माघ मेले में रीवा के रास्ते भीड़ उमड़ने के बाद ही किया जाएगा।
नए साल पर लगा था जाम 1 जनवरी को प्रयाग रीवा मार्ग पर प्रयाग की सीमा पर भारी भीड़ उमड़ी थी। हालांकि रीवा की सीमा में भीतर जाम नहीं लगा। लेकिन रीवा के चाकघाट से 40 किलोमीटर पहले से घंटों जाम लगा था। जहां प्रयाग से रीवा आने वाले लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा था।
शनिवार से शुरू हो रहा मेला माघ मेला 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। करीब 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पहुंचते हैं। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
कुंभ के दौरान जाम की झलक
कुंभ की भीड़ से मिली सीख
पिछले कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज जाने वाले मार्गों पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया था। हालात ऐसे बने कि नेशनल और स्टेट हाईवे पर कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घंटों तक लोग वाहनों में फंसे रहे और प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी। अब उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार माघ मेले से पहले ही रणनीति तैयार की जा रही है।

वैकल्पिक रूट और डायवर्जन प्लान तैयार
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग ने संयुक्त रूप से तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रमुख मार्गों की पहचान की जा रही है। वैकल्पिक रूट और डायवर्जन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। शहर के एंट्री प्वाइंट्स और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की योजना है। ट्रैफिक कंट्रोल पर खास फोकस रहेगा।
माघ मेले के दौरान अगर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ती है तो ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए भारी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले रोका जाएगा। जरूरत पड़ने पर नो-एंट्री और वन-वे व्यवस्था लागू होगी। बाहरी वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। हाईवे और शहर को जोड़ने वाले मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यातायात पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जाम की स्थिति बनने से पहले ही डायवर्जन लागू कर दिया जाए।
