मैहर स्थित महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी एवं जू मुकुन्दपुर में एक मादा तेंदुए की मौत हो गई है। आरोप है कि वन विभाग ने इस घटना को दबाने का प्रयास किया, लेकिन सोमवार दोपहर सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद इसका खुलासा हुआ।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मृत मादा तेंदुए की उम्र लगभग 20 वर्ष थी और उसकी मृत्यु वृद्धावस्था के कारण हुई। इस मादा तेंदुए को 12 दिसंबर 2020 को वनमंडल दक्षिण पन्ना के परिक्षेत्र मोहन्द्रा के बीट जमुन्हा से रेस्क्यू कर मुकुन्दपुर लाया गया था।
केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली ने 4 मार्च 2025 को एक पत्र के माध्यम से इस मादा तेंदुए को मुकुन्दपुर जू में रखने की अनुमति दी थी। पिछले कुछ दिनों से तेंदुए के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही थी, जिसके बाद मुकुन्दपुर जू के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. नितिन गुप्ता की निगरानी में उसका लगातार उपचार किया जा रहा था।
वन विभाग के अनुसार, उपचार के दौरान 2 जनवरी 2026 को सुबह 6:48 बजे मादा तेंदुए की मृत्यु हो गई। इसके बाद चिकित्सकीय दल ने शव परीक्षण किया, जिसमें मृत्यु का प्रारंभिक कारण वृद्धावस्था बताया गया।
विस्तृत जांच के लिए तेंदुए के आंतरिक अवयवों के नमूने स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद मुख्य वन संरक्षक, वनवृत्त रीवा सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में नियमानुसार शवदाह की प्रक्रिया पूरी की गई।
हालांकि, घटना की जानकारी समय पर सार्वजनिक न किए जाने को लेकर विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद ही मामले की आधिकारिक पुष्टि होने से इस पर चर्चा जारी है।