मैं जडेजा का रिप्लेसमेंट नहीं.. उपकप्तान बनने के बाद अक्षर पटेल ने कही दिल की बात, कमबैक में धोनी बने सहारा

मैं जडेजा का रिप्लेसमेंट नहीं.. उपकप्तान बनने के बाद अक्षर पटेल ने कही दिल की बात, कमबैक में धोनी बने सहारा


टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने टीम इंडिया में अपनी पोजीशन पक्की कर ली है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए उन्हें उपकप्तान चुना गया. उन्होंने अपने कमबैक के बारे में खुलकर बात की जब वह टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. अक्षर ने एमएस धोनी के बारे में भी जिक्र किया, जिन्होंने उनके कमबैक में मदद की. साथ ही उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की बारे में भी बताया. 

दिल्ली कैपिटल्स से हुआ विकास

अक्षर पटेल ने टाइमस ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, ‘यह सफर पिछले T20 वर्ल्ड कप से शुरू हुआ था. मैं एक क्रिकेटर के तौर पर दिन-ब-दिन बेहतर होता जा रहा हूं. मैं बेहतर समझता हूं कि मुझे अलग-अलग स्थितियों में क्या करना है. दिल्ली कैपिटल्स का कप्तान बनने से मुझे एक इंसान के तौर पर अपनी ग्रोथ को समझने में मदद मिली. मुझे गेम अवेयरनेस के बारे में और जानने को मिला, जैसे अलग-अलग स्थितियों में खिलाड़ियों का इस्तेमाल कैसे करना है. आत्मविश्वास और साफ़ सोच के कॉम्बिनेशन ने पिछले दो सालों में मेरे सफर को आसान बनाया है. इसका इनाम यह है कि अब मैं भी लीडरशिप ग्रुप में हूँ.’

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कैसे हुआ कमबैक?

2015 WC टीम का हिस्सा थे लेकिन अक्षर को खेलने का मौका नहीं मिला. इसके बाद 2021 T20 WC और 2023 ODI WC से भी बाहर हो गए. उन्होंने इस मुद्दे पर कहा, ‘वे दिन मेरे लिए बहुत मुश्किल थे. आज मैं जो कुछ भी हूँ, उन्हीं दिनों की वजह से हूँ. 2018 में टीम से निकाले जाने के बाद मैंने 2021 में टीम में वापसी की. उस दौरान मैंने यह पहचानना शुरू किया कि एक खिलाड़ी के तौर पर मुझे क्या करने की ज़रूरत है, जैसे मुश्किल हालात में पॉजिटिव रहना. क्योंकि ये सब मेरे साथ हुआ, इसलिए मुझे पता था कि पिछले T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जब मैं दबाव में बल्लेबाजी करने गया तो मुझे क्या करना है.’

धोनी से मिली मदद

अक्षर ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में 47 रन की बहुमूल्य पारी खेली थी. जडेजा का रिप्लेसमेंट भी उन्हें कई बार कहा गया लेकिन अक्षर ने इससे नकार दिया. उन्होंने कहा,’मैं बहुत शांत था. T20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले, मुझे कभी भी जड्डू भाई के रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं देखा गया. मेरे लिए एक जगह बनाई गई. जड्डू भाई और मैंने एक साथ खेलना शुरू किया. मैं कभी भी जड्डू भाई से मुकाबला नहीं कर रहा था. जब मैं प्रैक्टिस करता था, तो मैं सोचता था कि मैं अपने खेल में और क्या जोड़ सकता हूँ ताकि वे मुझे कभी टीम से बाहर न निकालें. T20 WC फाइनल के बाद, मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझे फिर से टीम से बाहर किया जाएगा.’

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धोनी से सलाह लेने का फायदा भी अक्षर ने बताया. उन्होंने कहा, ‘जब मुझे टीम से बाहर किया गया 2018 में, मैंने अपनी बैटिंग पर बहुत मेहनत की. जब MS धोनी 2021 WC टीम के मेंटर थे, तो उन्होंने मुझसे कहा कि मेरे शुरुआती दिनों में, उनकी कप्तानी में, मैं हमेशा यह सोचकर खुद पर दबाव डालता था कि मुझे हर समय परफॉर्म करना है, बजाय इसके कि मैं बस यह विश्वास करूं कि मैं एक काबिल बैटर हूं. धीरे-धीरे मैंने माही भाई की बताई बातें लागू करना शुरू किया और मेरा कॉन्फिडेंस वापस आ गया.’



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