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अगर आप किसान हैं और रासायनिक खाद खरीद कर परेशान हो गए हैं तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. क्योंकि अब आप भी घर बैठे ही देसी खाद बना सकते हैं. दरअसल, छतरपुर के किसान भगवान दास ने घर पर ही मटका खाद तैयार की है. साथ ही इस खाद को बनाने में लागत भी न के बराबर आती है. घर पर ही कैसे तैयार करें ये खाद? आइए जानते हैं…
Matka Desi Khad Tips. छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा के रहने वाले भगवान दास चौरसिया जो पिछले 40 सालों से पान की खेती कर रहे हैं. जिस तरह चना मसूर सरसों फसल में किसान डीएपी और यूरिया खाद डालते हैं वैसे ही पान खेती में भी किसान रासायनिक खाद डालते हैं. लेकिन किसान भगवान दास ने देसी खाद बनाने का सोचा और आज वह सरसों और तिल की खली से ही मटका खाद बना रहे हैं जिससे उन्हें लागत भी कम आती है और रासायनिक खाद खरीदने की झंझट भी खत्म हो गई है.
गढ़ीमलहरा के किसान भगवान दास लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि वह पिछले 40 सालों से पान की खेती कर रहे हैं. हर साल पान की खेती में खर्च बढ़ता जा रहा था. पान की खेती में बारह महीने खाद की जरूरत होती है. बाजार की रासायनिक खाद महंगी हो रहीं थी तो अब खुद ही देसी खाद घर पर बनाने लगा हूं. जिससे लागत भी कम होती है और पान की खेती में मुनाफा भी होता है. ये बाजार के खाद से भी ज्यादा असरदार होती है. खाद के प्रयोग से पान के पौधों की बेल में तेजी से वृद्धि होती है.
ऐसे तैयार करते हैं मटका खाद
किसान बताते हैं कि वह सबसे पहले बाजार से खली खरीदते हैं. यह खली सरसों और तिल की होती है. हालांकि, यह सस्ती मिल जाती है. इसके बाद इस खली को एक बड़े से मटके में डाल दिया जाता है. इस मटके को पानी से भर दिया जाता है. इस मटके में एक बार में 6 से 7 पसेरी खली डाली जाती है और इस खली को पानी के साथ 6 से 7 दिन तक सड़ने दिया जाता है. इस तरह मटका खाद बनाकर तैयार हो जाती है.
7 दिनों में मटका खाद तैयार
किसान बताते हैं कि इस तरह लगभग 7 दिनों में मटका खाद बनाकर तैयार हो जाती है और इसके बाद अगर हमें छिड़काव करना है तो इसी से एक डिब्बा खाद दूसरे मटके में डाल देते हैं और उसी में पानी डाल देते हैं. इस मटके में बेकार बाईक ट्यूब लगा देते हैं और इसी की सहायता से पान में छिड़काव करते हैं.
मटका खाद बनाने में 2 हजार रुपए खर्च
किसान बताते हैं कि इस मटका खाद को बनाने में उन्हें 2000 रुपए की लागत आ जाती है. क्योंकि उन्हें सरसों और तिल की खली खरीदनी होती है. अगर किसान भाइयों के पास खली घर पर ही उपलब्ध है तो यह खर्च भी बच जाता है यानी कि इस खाद को बनाने में उनका जीरो खर्च आता है. एक मटका खाद बनाने में 6 से 7 पसेरी (लगभग 35 किलो) खली लगती है.
साथ में रासायनिक खाद का लगाते हैं तड़का
किसान बताते हैं कि इस खाद के साथ में कुछ मात्रा में डीएपी ,यूरिया और पोटाश जैसी खाद भी मिला देते हैं तो इसका असर और भी बढ़ जाता है. हालांकि, रासायनिक खाद कुछ ही मात्रा में छिड़काव के दौरान मिलाते हैं.
About the Author
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें