120 लोगों का रैकेट, 7 करोड़ का फ्रॉड, ‘शेयर ट्रेडिंग’ गेम में सरकारी टीचर गिरफ्तार

120 लोगों का रैकेट, 7 करोड़ का फ्रॉड, ‘शेयर ट्रेडिंग’ गेम में सरकारी टीचर गिरफ्तार


खरगोन. जिले में शेयर मार्केट निवेश के नाम पर की गई बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. कोतवाली थाना पुलिस ने खुलासा किया है कि इस ठगी नेटवर्क का एक अहम चेहरा कोई और नहीं, बल्कि शासकीय स्कूल में पदस्थ शिक्षक है. आरोप है कि शिक्षक ने शेयर ट्रेडिंग में 15 से 20 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये निवेश कराए और बाद में रकम हड़प ली. इस मामले में अब तक 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है, जबकि जांच में करीब 7 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है.

यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी तंत्र में भरोसे के दुरुपयोग का भी बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है. पढ़ाने का जिम्मा संभालने वाला शिक्षक कथित तौर पर निवेश का झांसा देकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था. पुलिस के मुताबिक, इस रैकेट से करीब 120 लोग जुड़े हुए थे, जिनमें कई छोटे निवेशक शामिल हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ-साथ उसके सहयोगी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

कैसे हुआ ठगी का खुलासा
कोतवाली थाना क्षेत्र के रहने वाले 9 नागरिकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि उनसे शेयर मार्केट में सुरक्षित और तय मुनाफे का वादा किया गया था. शुरुआत में कुछ निवेशकों को आंशिक रिटर्न देकर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस किया गया. इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया.

15 से 20 प्रतिशत मुनाफे का झांसा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को शेयर ट्रेडिंग और मार्केट एक्सपर्ट बताता था. वह निवेशकों को हर महीने 15 से 20 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा देता था. इसी लालच में लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई आरोपी के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी. बाद में आरोपी ने संपर्क तोड़ लिया.

मास्टरमाइंड पहले से जेल में बंद
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड गुलाममोईनउद्दीन, निवासी रायगढ़, महाराष्ट्र है. आरोपी पहले से ही इंदौर जिला जेल में बंद है. पुलिस ने न्यायालयीन आदेश के तहत उसकी फॉर्मल गिरफ्तारी दिखाई है. वह पहले भी इसी तरह के फर्जी निवेश मामलों में संलिप्त रह चुका है.

गिरफ्तार सरकारी शिक्षक की भूमिका
कोतवाली पुलिस ने सह आरोपी संजय सोलंकी, उम्र 41 वर्ष, निवासी ग्राम कुम्हारखेड़ा, थाना गोगांव को गिरफ्तार किया है. संजय सोलंकी शासकीय माध्यमिक शाला पिपरखेड़ा में शिक्षक के पद पर पदस्थ है. आरोप है कि उसने अपने पद और सामाजिक पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया.



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