इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है, और जनता उसे कैसे देखती है—इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर शुरू कर रहा है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’।
इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज पहले एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 49, जहां से पार्षद हैं राजेश उदावत।
क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं, और जनता 10 में से कितने नंबर देती है- आज का पार्षद में देखिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड 49 की आबादी 50 हजार से ज्यादा है। यहां 23 हजार वोटर्स हैं। इस वार्ड में तिलक नगर, वंदना नगर, मूसाखेड़ी, आलोक नगर, श्रीराम नगर, कनाडिया रोड और आसपास की कॉलोनियां शामिल हैं। इस क्षेत्र में मूसाखेड़ी के पुरानी बस्ती, फिरदौस नगर, आजाद नगर, प्रेम नगर, कपिल देव नगर और दीनदयाल नगर के कुछ हिस्से आते हैं। उदावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की है। इसके लिए यहां की तीस-चालीस साल पुरानी पाइप लाइन को भी बदलवाने का प्लान है। हमने वार्ड में ग्रीन बेल्ट का उपयोग करते हुए वॉकिंग ट्रैक बनवाया है। बचे हुए डेढ़ साल के कार्यकाल में पुरानी हो चुकी पानी और ड्रेनेज की लाइनें बदलवाना, तिलक नगर से रिंग रोड की निर्माणाधीन सड़क को पूरा करना और कुछ कॉलोनियों में बच्चों के लिए खेलकूद के संसाधन उपलब्ध कराना है। आपके वार्ड में सबसे बड़ी उपलब्धि कौन सी रही?
पिछले पचास वर्षों से प्रस्तावित मास्टर प्लान की जिस सड़क को लेकर हम पिछले कई सालों से प्रयास कर रहे थे, तेरह साल के अथक संघर्ष के बाद और तीन वर्षों में जितनी हाई कोर्ट की पेंडेंसी थी, हाई कोर्ट में जो कोर्ट केस चल रहे थे, उन सभी कोर्ट केस का निराकरण कराते हुए हमने इस सड़क का जो शेष बचा हुआ भाग था, श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल से लेकर तो रिंग रोड तक का, उसको बनाने के काम की हमने शुरुआत की। यह मेरे वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि है। आपके वार्ड में कौन सा काम अधूरा है और क्यों? देखिए, मेरे वार्ड में जो सबसे बड़ी प्राथमिकता वाला काम था, यही सड़क वाला था, यह दो माह में पूरी बन जाएगी। दूसरा जो मुझे लगता है संविद नगर में संजीवनी क्लिनिक और आंगनबाड़ी शुरू करने का। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि वह काम शुरू हो जाए। जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है?
आमतौर पर ड्रेनेज लाइन चोक होने, गंदे पानी, रोड कनेक्टिविटी की समस्या हमारे वार्ड में आती है। दरअसल यहां पर अनुभवी और तकनीकी जानकार अधिकारियों की कमी है। दूसरा, नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा बार-बार अधिकारियों का स्थानांतरण हो जाता है। जिसके कारण कामों को स्वीकृत होने, उनके पूर्ण होने और मॉनिटरिंग करने की अनुभवहीनता सामने आती है। नए सब इंजीनियर को कार्यों और नर्मदा पेयजल वितरण की लाइनों के बारे में पूर्ण ज्ञान नहीं होता। अगर अनुभवी अधिकारी हमको पीएचई से या राज्य शासन से मिल जाते हैं तो यह समस्या का निराकरण हो पाएगा। यहां किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ?
इस वार्ड में आने वाले रिंग रोड पर बने ग्रीन बेल्ट को हम उपयोग नहीं कर पाते थे। हमने वहां वॉकिंग ट्रैक बनाया है। युवाओं के लिए एक्सरसाइज करने के जिम के इक्विपमेंट लगा दिए हैं और कुछ अभी लगने वाले हैं। शहर के बीचोंबीच अगर घूमने के लिए सड़क पर जाते हैं तो लोगों को दुर्घटना होने का डर रहता था। उस दुर्घटना के भय को हमने दूर किया और लोगों को सुरक्षित मॉर्निंग वॉक करने का स्थान उपलब्ध कराया है। किन इलाकों में काम नहीं हो पाया?
संविद नगर में क्षेत्र के बच्चों को खेलने के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है। ये काम नगर निगम के स्तर पर अटका है। रिंग रोड स्थित ग्रीन बेल्ट पर बने वॉकिंग ट्रैक पर बच्चों के खेलने के लिए इक्विपमेंट लगाने के लिए प्रपोजल भेजा हुआ है। संविद नगर, विनोबा नगर और बख्तावर राम नगर में जहां पर ड्रेनेज की पुरानी लाइनें का स्थायी समाधान करना है। तिलक नगर में यूको बैंक से लेकर कनाड़िया रोड के नाकोड़ा एवरफेश तक प्राइमरी लाइन डालने का कार्य हमारा स्वीकृत हो गया है। आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या?
जनता की सबसे बड़ी जो आम शिकायत है, वो पानी को लेकर है। पानी की समस्या आज भी और कल भी थी। पहली शिकायत, पानी कम दबाव से आता है।
दूसरा, पानी के आने का कोई समय निश्चित नहीं है।
तीसरी, गंदा पानी मिक्स होकर आता है। यह लगभग तीन प्रमुख समस्याएं हैं, जो मैं लगातार पिछले तीन वर्षों से जब से पार्षद बना हूं, उसका सामना कर रहा हूं। आपका रोडमैप क्या है?
सबसे पहले तो इस सड़क का मार्च में लोकार्पण कराना चाहते हैं। यह हमारी टाइमलाइन हमने अधिकारियों को बता दी है। तीस-चालीस साल पुरानी हमारी नर्मदा लाइन बदलने के प्रस्ताव को धरातल पर लाना है। जन और जन सुनवाई में भी नर्मदा पाइप लाइन को बदलने की शिकायतें आ रही है। कुछ अन्य कॉलोनियों में भी गंदे पानी की शिकायत और ड्रेनेज की समस्या है वहां भी हमको ड्रेनेज की प्राइमरी लाइन डालने की आवश्यकता है, जिसका प्रपोजल हम अधिकारियों को दे चुके हैं। स्वीकृत होते ही ड्रेनेज और नर्मदा लाइन डालने की प्राथमिकता अगले एक साल में हम पूरी करेंगे।
अपने पार्षद के काम से कितने खुश है आप, हमें बताएं…
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