अब AC की तरह स्लीपर कोच में भी मिलेगी चादर-तकिया, अलग से देना होगा इतना किराया, जबलपुर रेल मंडल का प्लान

अब AC की तरह स्लीपर कोच में भी मिलेगी चादर-तकिया, अलग से देना होगा इतना किराया, जबलपुर रेल मंडल का प्लान


Jabalpur News: लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. अब स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को भी जल्द ही बेडरोल मतलब चादर-तकिया की सुविधा मिलने वाली है. अभी तक यह सुविधा सिर्फ एसी कोच तक सीमित थी, लेकिन अब जबलपुर रेल मंडल स्लीपर कोच यात्रियों को भी चादर, तकिया और कंबल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है, जिसका प्रस्ताव बनाया जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक, जबलपुर से चलने वाली लंबी दूरी की सुपरफास्ट ट्रेनों के स्लीपर कोच में यह सुविधा शुरू की जाएगी. इसके लिए जबलपुर रेल मंडल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. स्लीपर कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की मांग पर उन्हें बेडरोल उपलब्ध कराया जाएगा. इस सुविधा के लिए यात्रियों को टिकट के अलावा अलग से शुल्क देना होगा. इसके लिए आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से व्यवस्था की जाएगी.

यात्रियों के लिए ऑप्शनल सुविधा होगी
सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने बताया, एसी कोच में बेडरॉल की सुविधा पहले से थी. लेकिन, अब स्लीपर कोच में भी बेडरॉल की डिमांड आ रही थी. इसको लेकर प्रस्ताव प्रक्रिया में है. यदि सब कुछ अच्छा रहा और प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तब यात्रियों को इस बेहतर सुविधा का लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया, संबधित आउटसोर्स एजेंसी यात्रियों की मांग पर आवश्यकतानुसार बेडरोल उपलब्ध कराएंगी. इसमें साफ-सुथरी चादर, तकिया और कंबल शामिल होंगे. हालांकि, यह शुल्क रेल टिकट में शामिल नहीं होगा, यात्रियों को अलग से भुगतान करना होगा.

चेन्नई मंडल में फिलहाल यह सुविधा 
बताया जा रहा कि यह व्यवस्था दक्षिण रेलवे के चेन्नई मॉडल पर आधारित होगी. जहां पहले से ही स्लीपर कोच यात्रियों को वैकल्पिक रूप से बेडरोल की सुविधा दी जा रही है. जबलपुर रेल मंडल भी इसी मॉडल को अपनाने की तैयारी में है. शुरुआत में यह सुविधा कुछ चुनिंदा ट्रेनों में शुरू की जाएगी, जिसमें जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस, जबलपुर-भोपाल एक्सप्रेस और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हो सकती हैं.

40 से 80 रुपए हो सकता है किराया
अनुमानित तौर पर 40 से 80 रुपये के बीच किराया हो सकता है. साथ ही यात्रियों को यह विकल्प भी दिया जाएगा कि वे केवल चादर या तकिया जैसी अलग-अलग सुविधाएं भी ले सकें. इस पहल से स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को ज्यादा आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा. खासकर रात के सफर में. फिलहाल इस प्रस्ताव से जुड़ी प्रक्रियाएं जारी हैं और उम्मीद है कि आने वाले तीन से चार महीनों में यह सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी.



Source link